BREAKING NEWS
Home

Religion News

धर्म डेस्क। भगवान शिव के दो पुत्र गणेश और कार्तिकेय के बारे में तो सभी जानते हैं, इसके अलावा कई जगहों पर भगवान शिव के 6 पुत्र होने के बारे में भी वर्णन मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं भगवान शिव और माता पार्वती के एक पुत्री भी थी। इसका वर्णन बहुत कम जगहों पर किया गया है।
धर्म डेस्क। दोस्ती एक ऐसा रिश्ता होता है जिसे इंसान खुद चुनता है। जीवन में कुछ अच्छे दोस्तों का साथ बहुत जरूरी है। दोस्तों के साथ जिंदगी आसानी से हंसते-मुस्कुराते हुए निकल जाती है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि आपकी दोस्ती को मजबूत बनाने में वास्तु भी अपनी अहम भूमिका निभाता है।
देहरादून । उत्तराखंड में गढ़वाल के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित आस्था के केंद्र के रूप में विश्वविख्यात चारधाम की यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं के लिए पहले की अपेक्षा बेहतर सुविधाएं होंगी। यात्रियों की संख्या इस बार बढ़ने का भी अनुमान है। उत्तराखंड सरकार का दावा है कि इस बार चारधाम यात्रा ज्यादा सुविधाजनक, सुगम और सुरक्षित रहेगी।
धर्म डेस्क। प्राचीन काल में घर के सभी सदस्य सूर्य देव के उदित होने से पहले स्नान कर लेते थे। आज के समय में भी कई घरों में स्त्रियां सुबह सुर्योदय से पहले स्नान कर लेती हैं, ये परंपरा गांवों में तो बरकरार है। लेकिन शहरों में अब इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। व्यस्त शहरी जीवन में लोग रात को देर से सोते हैं और सुबह देर से उठते हैं। 
धर्म डेस्क। वास्तुशास्त्र का अर्थ होता है चारों दिशाओं से मिलने वाली ऊर्जा तरंगों का संतुलन। यदि ये तरंगें संतुलित रूप से आपको प्राप्त हो रही हैं, तो घर में सुख और शांति बनी रहेगी। ऐसे में वास्तु को अपने अनुसार बनाए रखने के लिए कुछ विशेष प्रयासों को किया जाना आवश्यक है। इन प्रयासों के माध्यम से आप अपने घर को वास्तुदोष से बचा सकते हैं।
धर्म डेस्क। कुछ लोगों को परफ्यूम या डिओ लगाने का बहुत शौक होता है, वे दिन हो रात कभी भी परफ्यूम या डिओ लगा लेते हैं। वहीं अधिकतर लोग शादी या किसी फंक्शन में जाते समय परफ्यूम या डिओ जरूर लगाते हैं। दिन में तो परफ्यूम या डिओ यूज करना चाहिए लेकिन रात के समय इन्हें काम में नहीं लेना चाहिए।
धर्म डेस्क। अगर घर में वास्तुदोष हो तो घर में रहने वालों की सेहत और आय प्रभावित होती है। वास्तु सही नहीं होने पर मानसिक तनाव और पारिवारिक संबंधों में भी दूरियां आने लगती है। वास्तु विज्ञान के अनुसार जो दिशा दोषपूर्ण होती है उस दिशा के अनुरूप अशुभ फल मिलता है। वास्तु दोष के कारण से आने वाली परेशानियों से बचने के लिए अक्षरों से वास्तु दोष का निवारण करें।
इंटरनेट डेस्क। पारिवारिक सुख, शान्ति और उन्नति के लिए प्लॉट खरीदने से पहले जरूरी है कि वास्तु नियमों का भी ध्यान रखा जाए। प्लॉट खरीदते समय दिशाओं का विशेष ध्यान रखें। किस दिशा का प्लॉट किस क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति के लिए महत्वपुर्ण है, ये प्लॉट खरीदने से पहले समझ लिया जाए तो अति-उत्तम रहेगा। आइए आपको बताते हैं इसके बारे में.....................
इंटरनेट डेस्क। ऐसे कई स्थान होते हैं जहां पर नकारात्मक शक्तियां यानि भूत-प्रेत अपना घर बना लेते हैं। इन स्थानों को वास्तुशास्त्र में शुभ नहीं माना जाता है। इन जगहों पर रहने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है और घर में हमेशा परेशानियां और क्लेश बनी रहती है। चलिए हम आपको बताते हैं ऐसे स्थान जहां पर वास्तु के अनुसार नकारात्मक शक्तियां अपना घर बना लेती हैं........
धर्म डेस्क। पान के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं होती है, जब भी कोई विशेष पूजा की जाती है तो उस पूजा में पान के पत्तों को अवश्य शामिल किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब समुद्र मंथन हुआ, उस समय पूजा में पान के पत्तों का उपयोग किया गया और तभी से पूजा के समय पान के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है।

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.