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धर्म डेस्क। नाग पंचमी को सांपों की पूजा की जाती है, वहीं जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है उनके लिए नागपंचमी का बहुत महत्व होता है। अगर इस दिन राशि अनुसार कुछ काम किए जाएं तो इससे कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है। इसी के साथ इस दिन ये उपाय करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में भगवान नागचन्द्रेश्वर के मंदिर का पट 15 अगस्त को खुलेगा। वर्ष में एक दिन 24 घंटे के लिए खुलने वाला इस मंदिर का पट 14 अगस्त की मध्य रात्रि से खुलेगा। हिंदू धर्मावंलियों में हालांकि कैलाश मानसरोवर, बाबा अमरनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनौत्री सहित अन्य मंदिर के पट एक दिन से अधिक समय के खोले जाते है
धर्म डेस्क। नाग पंचमी का त्योहार श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। इस दिन नागों की पूजा की जाती है और उन्हें दूध पिलाया जाता है। इस बार नागपंचमी 15 अगस्त को है। पंचमी तिथि 15 अगस्त को सुबह 03ः27 बजे शुरू प्रारंभ होगी और 16 अगस्त को सुबह 01ः51 बजे खत्म होगी।
धर्म डेस्क। ब्रह्माजी ने सृष्टि की उत्पत्ति की है, विष्णु जी सृष्टि का पालन करते हैं और शिवजी संहारकर्ता हैं। इन तीनों देवों के बिना सृष्टि का चलना असंभव है। इसी बात को लेकर एक बार ब्रह्माजी और भगवान विष्णु में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है। आइए जानते हैं इस रोचक कथा के बारे में......
धर्म डेस्क। भगवान शिव को नीलकंठ कहा जाता है, आपको बता दें कि नीलकंठ नाम का एक पक्षी भी होता है। इस पक्षी को भगवान शिव ( नीलकंठ ) का प्रतीक माना जाता है। उड़ते हुए नीलकंठ पक्षी का दर्शन करना सौभाग्य का सूचक माना जाता है। सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का महीना होता है
इलाहाबाद। पूरे सावन के महीने में ही भोलेनाथ के जयकारों की गूंज से वातावरण गूंजायमान रहता है लेकिन सावन के सोमवार को अधिकतर सभी भक्त मंदिर में जाकर भोलेनाथ की पूजा करते हैं। जहां लड़कियां योग्य और मनचाहा वर पाने के लिए ये व्रत करती हैं वहीं विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए सावन के सोमवार का व्रत करती हैं।
धर्म डेस्क। भगवान शिव ने मां गंगा को अपनी जटाआें में समेट रखा है और उन्हें गंगा जल बहुत प्रिय है। इसी कारण अगर भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया जाए तो वे बहुत प्रसन्न होते है। सावन माह में कांवड़िए दूर-दूर से गंगाजल भरकर अपनी कांवड़ में लाते हैं और भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं।
जयपुर। श्रावण मास का तीसरा सोमवार आज है, वैसे तो पूरे सावन माह में ही भगवान शिव की पूजा-आराधना की जाती है लेकिन सावन का सोमवार विशेष महत्व रखता है।
धर्म डेस्क। सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज मनाई जाती है। इस साल हरियाली तीज 13 अगस्त को है। तीज का व्रत करने से स्त्रियों को सुहाग और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। हर साल सभी बड़े चाव से तीज मनाते हैं लेकिन तीज क्यों मनाई जाती है। इसके बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी होगी।
धर्म डेस्क। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब माता पार्वती ने भोलेनाथ को पाने के लिए कठोर तपस्या की तब सावन मास के शुक्ल पक्ष की तीज को भगवान शिव ने माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए और उन्हें विवाह का वरदान दिया।

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