ऑटोमोबाइल सेक्टर में जॉब्स के बढ़ते मौके

Samachar Jagat | Thursday, 17 May 2018 11:01:13 AM
Growing opportunities for jobs in the automobile sector

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नई दिल्ली। देश का आटोमोबाइल उद्योग जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है उससे इसके 2030 तक दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस सेक्टर में हो रही तेज प्रगति से रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे है और आने वाले समय में इसमें और बढ़ोत्तरी होने की अच्छी संभावनाएं हैं। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मेन्युफेक्चरर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 2017-18 में इन्डियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने कुल 2,64,02,671 वाहनों का उत्पादन किया जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।

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दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इस इंडस्ट्री की वृद्धि दर लगभग 15 प्रतिशत वार्षिक दर्ज की गई। यह दर अधिकांश अन्य इंडस्ट्री की तुलना में कहीं अधिक है। प्राप्त आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि अन्य देशों को निर्यात किए जाने वाले वाहनों की संख्या में भी करीब 16 प्रतिशत की तेकाी इस दौरान देखने को मिली है। इससे संकेत मिलता है कि विदेशों में भी भारत निर्मित वाहनों की मांग मे बढ़ोतरी हो रही है।

अगर इस अवधि के जॉब्स के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि ऑटो इंडस्ट्री में गत साल की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक नियुक्तियां की गई। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के विकास के कारण : सबसे बड़ा कारण देश में अत्यंत सस्ती दरों पर उपलब्ध मानव श्रम और पर्याप्त मात्रा में कच्चे माल की उपलब्धता है। दुनिया के नामी वाहन निर्माताओं द्वारा इसे ध्यान में रखते हुए यहां पर बड़ी मात्रा में निवेश किया जा रहा है।

विश्व की शायद ही कोई ऐसी नामी वाहन निर्माता कम्पनी बची हो जिसका भारत में प्रोडक्शन बेस नहीं हो। इसका सकारात्मक परिणाम बड़ी संख्या में रोजगार सृजन के रूप में आज हमारे सामने है। ऑटो इंडस्ट्री के विकास का दूसरा कारण है देश में मौजूद विशाल उपभोक्ता बाजार। इस बाजार में ये कम्पनियाँ बड़ी आसानी से तैयार वाहनों की बिक्री कर आकर्षक मुनाफा भी कमा सकती हैं।

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में विविध प्रकार के जॉब्स : जनमानस में अभी भी यह भ्रम व्याप्त है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में सिर्फ ऑटोमोबाइल इंजीनियर्स के लिए ही जॉब्स के अवसर संभव हो सकते हैं। हकीकत यह है कि इनके अलावा भी कई प्रकार के प्रोफेशनल्स प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। इनमें अगर इंजीनियरिंग की कई शाखाओं की बात करें तो इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रोनिक्स ,मेकेनिकल , मेटलर्जी आदि का नाम लिया जा सकता है।

इनके अतिरिक्त एयर कंडिशनर मैकेनिक्स, प्लास्टिक मोल्डिंग एक्सपट्रस, पेंटिंग टेक्नोलोजी में दक्ष कर्मियों आदि का भी उल्लेख भी किया जा सकता है। फाइनेंस, मार्केटिंग, सेल्स आदि जॉब्स भी काफी संख्या में यहां पर हैं। यही नहीं मोटर रिपेयरिंग शॉप्स में भी मरम्मत के कामकाज से जुडे रोजगार के अवसर विकसित हुए हैं। ऑटो पार्ट्स उद्योग में जॉब्स : ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियां सभीकम्पोनेंट्स/पुर्जे स्वयं नहीं बनाती हैं।

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यह कार्य स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज की इकाइयों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसी लघु इकाइयों की संख्या देश में सैकड़ों में नहीं बल्कि हजारों में है। इनका काम वाहन निर्माता कंपनियों की मांग पर गाडिय़ों के मॉडलों के मुताबिक स्पेयर पार्ट्स तैयार कर सप्लाई करने का होता है।

इन स्मॉल स्केल की कम्पनियों में भी विभिन्न ट्रेंड्स में प्रशिक्षित और पारंगत लोगों को रखा जाता है। कार्यानुभव और सम्बंधित ट्रेड में दक्षता के मुताबिक इनकी सैलरी काफी आकर्षक भी हो सकती है। क्या है ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग : इंजीनियरिंग की इस विशिष्ट शाखा में ऑटोमोबाइल डिजाइनिंग से लेकर प्रोडक्शन तक से जुड़े समस्त पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाता है।

कोर्स के दौरान ऑटोमोबाइल डिजाइभनग के लिए कंप्यूटर एडेड डिजाईन के सॉफ्टवेयर एवं अन्य उपयोगी टूल्स के व्यावहारिक इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जाती है। यही नहीं मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक्स की बुनियादी समझ विकसित करने पर भी बल दिया जाता है।

आई टी इंजीनियरों का ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की ओर बढ़ता आकर्षण : हाल के वर्षों में आश्चर्य करने वाला यह रुझान देखने को मिल रहा है कि आई टी इंजीनियर्स बड़ी संख्या में ऑटो इंडस्ट्री को ज्वाइन कर रहे हैं। संभवत: इसका बड़ा कारण है लगातार तीसरे वर्ष आई टी इंडस्ट्री की विकास दर में गिरावट की स्थिति। इस वजह से आई टी कंपनियों द्वारा जॉब्स में कटौती की जा रही है।

अमेरिकी कंपनियों में जॉब्स पाने के लिए कारूरी एच -1 वीजा की संख्या में अमेरिकी प्रशासन द्वारा कमी से भी आई टी इंजीनियर्स के भविष्य पर सवालिया निशान लग रहे हैं। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इलेक्ट्रोनिक्स के बढ़ते उपयोग तथा इलेक्ट्रिकल वाहनों की दिशा में बढ़ते कदमों से भी आई टी और कंप्यूटर ट्रेंड से जुड़े लोगों के लिए यहां बड़ी संख्या में मौके सृजित हो रहे हैं।

रिसर्च एंड डेवलपमेंट आधारित जॉब्स : ऑटो कंपनियों के बीच गहन प्रतिस्पर्धा के कारण अत्याधुनिक नए फीचर्स के साथ गाडिय़ों के नए मॉडल्स बाकाार में समय-समय पर पेश करना इन कंपनियों के लिए बहुत कारूरी हो गया है। ऐसे में इस सेक्टर के अनुभवी और इंटर डिसिप्लिनरी सब्जेक्ट्स के जानकार लोगों को ऑटो इंडस्ट्री की प्रत्येक कंपनी अपने आर एंड डी विभाग में आकर्षक सैलरी पर नियुक्त करने की होड़ रहती है।

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