सार्वजनिक परिवहन वाहनों में निगरानी उपकरण, आपात बटन एक जनवरी से अनिवार्य

Samachar Jagat | Thursday, 01 Nov 2018 11:16:51 AM
Monitoring equipment in public transport vehicles Emergency button mandatory from January 1

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

नई दिल्ली। देश में चलने वाले सभी नए सार्वजनिक परिवहन वाहनों में अब निगरानी और आपात (इमरजेसी) बटन जैसे सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य होगा। यह नियम एक जनवरी 2019 या उसके बाद पंजीकृत वाहनों के लिए होगा। यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।


दिल्ली में वायु की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंची, निजी वाहनों के लिए दिशानिर्देश पर विचार

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा, ''ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा को छोड़कर सभी नए सार्वजनिक परिवहन वाहनों में आपात बटन के साथ 'वाहन की स्थिति की वास्तविक समय में जानकारी देने वाले निगरानी उपकरण' (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग-वीएलटी) लगाना अनिवार्य होगा। यह नियम एक जनवरी, 2019 या उसके बाद पंजीकृत होने वाले वाहनों के लिए होगा।" 

बयान के मुताबिक अधिसूचना जारी कर वीएलटी और आपात बटन लगाने को अनिवार्य बनाया जाएगा। मंत्रालय ने कहा, ''वीएलटी उपकरण बनाने वाली कंपनियां निगरानी करने की सेवा प्रदान करने में मदद करेंगी। यह नियम यात्रियों की, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाया गया है।" 

Box Office: चीन में रानी मुखर्जी की फिल्म 'हिचकी' ने आमिर खान की फिल्म 'पीके' का रिकॉर्ड तोड़ा

पुराने वाहनों के बारे में मंत्रालय ने कहा कि जो वाहन 31 दिसंबर, 2018 तक पंजीकृत होंगे, उनके संबंध में संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें तय करेंगी कि वह किस तिथि तक उनमें वीएलटी उपरकरण और आपातकाल बटन लगा सकते हैं।इस संबंध में मंत्रालय ने राज्यों को परामर्श जारी किया है। सुरक्षा उपकरणों के विनिर्माताओं को उपकरणों की जांच करने वाली एजेंसी के पहले प्रमाणपत्र जारी करने के बाद हर साल उत्पादित किए जाने वाले उपकरणों का परीक्षण करना होगा। - एजेंसी

15 साल पुराने पेट्रोल, 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर पाबंदी

चालक रहित कार की तकनीक से मिल सकती है ट्रैफिक लाइट से मुक्ति

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!



Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.