जीएसटी लागू होने के बाद मानव निर्मित धागे, कपास वस्त्र के आयात में भारी वृद्धि सिटी

Samachar Jagat | Tuesday, 05 Dec 2017 06:08:31 AM
After the introduction of GST, man-made yarn, a huge increase in import of cotton textiles

नई दिल्ली। जुलाई से वस्तु एवं सेवा (जीसटी) कर लागू होने के बाद से कपास धागे, मानव निर्मित धागे और मानव निर्मित रेशे के कपड़े (एमएमएफ) के आयात में नाटकीय तौर पर तेजी आई है।

एक बयान में भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ (सिटी) ने कहा कि उसने वाणिज्य एवं कपड़ा मंत्रालयों से एमएमएफ धागे, कपास धागे और एमएमएफ कपड़ों पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है ताकि विशेषकर बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे मुक्त व्यापार समझौतों वाले देशों की ओर से होने वाले सस्ते आयात के खतरे से स्थानीय धागे, कपड़े और परिधान उत्पादकों को बचाया जा सके।

सिटी द्वारा साझा किये गये आंकड़ों के अनुसार जुलाई, अगस्त और अक्तूबर के दौरान आयात में वृद्धि हुई लेकिन सितंबर के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। एमएमएफ यार्न का आयात जुलाई में बढक़र एक करोड़ 49 लाख डॉलर का हो गया जो पिछले वर्ष इसी महीने में 89.2 लाख डॉलर रहा था। 

कपास कपड़ों का आयात में भी यही रख दिखा जिसका आयात जुलाई में एक करोड़ 28.1 लाख डॉलर का हो गया जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 88.4 लाख डॉलर का हुआ था। एमएमएफ कपड़े का आयात जुलाई 2016 के 63.6 लाख डॉलर के मुकाबले वर्ष 2017 के जुलाई में 82.7 लाख डॉलर रहा। अगस्त और अक्तूबर में भी कारोबार की यही स्थिति रही।

सिटी के अध्यक्ष संजय कुमार जैन ने कहा, सरकार ने बाजार में बड़े पैमाने पर होने वाले आयात की समस्या और खतरे को पहचानते हुए हाल में एमएमएफ, कपड़े पर आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया था। हालांकि एमएमएफ यार्न और कपड़े पर आयात शुल्क को पुररानी दरों पर बनाये रखा था। 

जैन ने कहा कि मौजूदा परिदृश्य घरेलू यार्न एवं कपड़ा उत्पादकों एवं परिधान विनिर्माताओं को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता रखने वाले बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों की ओर से चीन में बने कपड़ों को लाये जाने को रोकने के लिए इससे बचाव के दिशानिर्देशों को लागू करने की कहीं अधिक जररत है। -(एजेंसी)



 

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