सूरत बिलिमोरा के बीच सबसे पहले चलेगी बुलेट ट्रेन

Samachar Jagat | Saturday, 01 Sep 2018 12:50:02 PM
Bullet train will run first among Surat Bilimora

वडोदरा। मुंबई-अहमदाबाद के बीच निर्माणाधीन हाईस्पीड रेलवे लाइन 2023 में पूरी तरह से तैयार हो पाएगी लेकिन इसका बहुत छोटा सा हिस्सा 2022 में चालू करने की योजना बनाई गई है। राष्ट्रीय हाईस्पीड रेलवे निगम के सूत्रों ने शुक्रवार को यहां बताया कि 508 किलोमीटर की इस परियोजना का सूरत से बिलिमोरा तक का 48 किलोमीटर तक का हिस्सा 15 अगस्त 2022 को देश की आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर खोला जा सकता है। सूत्रों के अनुसार इस भाग को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह एकदम सीधा खंड होगा और इंजीनियरिंग के ­दृष्टिकोण से पूरे मार्ग में इस खंड को तैयार करना सबसे आसान है। 

मुख्य परियोजना अधिकारी प्रदीप अहिरकर ने बताया कि वडोदरा में जापान के शिन्कान्सेन के सहयोग से निर्माणाधीन हाईस्पीड रेलवे प्रशिक्षण संस्थान अगले साल से काम करना शुरू कर देगा और बुलेट ट्रेन परियोजना के सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल्स इंजीनियरों का प्रशिक्षण आरंभ हो जाएगा। जापान में प्रशिक्षण के लिए 50 मीटर का ट्रैक तैयार किया जा रहा है जिसे दिसंबर तक भारत में भेज दिया जाएगा। इससे ट्रैक निर्माण से जुड़े इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण संस्थान 600 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। कुछ समय बाद यहां इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सिगनल का प्रशिक्षण शुरू होगा। यह लक्ष्य रखा गया है कि बुलेट ट्रेन आरंभ होने के पहले देश में इसे संचालित करने के लिए 4000 पेशेवर तैयार हो जाएं। परिचालन से जुड़े कर्मचारियों को जापान भी भेजा जाएगा। पांच मंजिला प्रशिक्षण संस्थान की दो मंजिलें फरवरी 2019 तक बन जाएंगी और उन्हीं से अल्पकालिक प्रशिक्षण शुरू करने की योजना है जो 15 दिन से लेकर तीन माह तक का होगा।

2020 में संस्थान पूरा बन कर तैयार हो जाएगा और तब तक जापान से सिमुलेटर भी आ जाएगा तब दो से तीन साल का दीर्घकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। अभी तक 1500 लोगों को जापान में अल्पकालिक प्रशिक्षण और 40 अफसरों को दीर्घकालिक प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। प्रशिक्षण संस्थान के लिए 200 मास्टर ट्रेनर भी जापान में तैयार किए जाएंगे। उधर बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए वडोदरा स्टेशन पर निर्माण पूर्व तैयारी आरंभ हो चुकीं हैं। वडोदरा स्टेशन का डिजाइन बन कर तैयार है।

स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर सात को तोड़ा जाएगा और उसे आगे खिसका कर बनाया जाएगा। उसी स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या छह एवं सात के बीच 220 मीटर का गर्डर डाला जाना है जो पूरी परियोजना में सबसे लंबा गर्डर होगा। बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए प्लेटफॉर्म संख्या छह पर कुछ इमारते हटायीं जानी हैं। उनके वैकल्पिक भवन निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। वडोदरा में अहमदाबाद से आकर गोधरा रतलाम की दिशा में जाने वाली गाड़ियों को प्लेटफार्म सात पर लाया जाता था लेकिन इसे तोड़े जाने की योजना के लिए छायापुरी हाल्ट को सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।-एजेंसी 



 

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