कंपनियों के परिणाम, तेल और वैश्विक बाजार से तय होगी बाजार की चाल

Samachar Jagat | Sunday, 05 May 2019 01:45:51 PM
Companies results oil and global market will be decided by market move

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नई दिल्ली। देश में आम चुनाव के लिए हो रहे चरणबद्ध मतदान के साथ ही कंपनियों की वर्ष 2018-19 की अंतिम तिमाही के वित्तीय परिणाम, कच्चे तेल में उतार चढ़ाव के साथ ही वैश्विक बाजार में रूख से अगले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार की चाल तय होगी।  बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.27 प्रतिशत यानी 104.07 अंक की गिरावट में 38,963.26 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 42.40 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट में 11,712.25 अंक पर बंद हुआ। दिग्गज कंपनियां की अपेक्षा छोटी और मंझोली कंपनियों को बिकवाली का अधिक दबाव झेलना पड़ा।

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बीएसई का मिडकैप 280.64 अंक यानी 1.86 प्रतिशत की गिरावट में 14,783.35 अंक पर और स्मॉलकैप 1.79 प्रतिशत यानी 265.23 अंक की गिरावट में 14,548.15 अंक पर बंद हुआ। बाजार अध्ययन करने वाली कंपनी कैपिटलऐम के शोध प्रमुख मनीष यादव और एपिक रिसर्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुस्तफा नदीम ने बीते सप्ताह शेयर बाजार में रही गिरावट का उल्लेख करते हुए कहा कि अगले सप्ताह भी बाजार में भारी उथल पुथल की उम्मीद नहीं की जा रही है लेकिन आम चुनाव के लिए जारी चरणबद्ध मतदान के बीच में सट्टा बाजार में सरकार को लेकर लगाई जा रही अटकलों का बाजार पर असर दिख रहा है। जब तक आम चुनाव का परिणाम नहीं आ जाता जब तक बाजार पर इसका असर दिखेगा। 

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यादव ने कहा कि इसके साथ ही अगले सप्ताह भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, एचसीएल टेक जैसी कंपनियों की अंतिम तिमाही के वित्तीय परिणाम का भी बाजार में असर देखा जा सकेगा। चीन और जापान के बाजार अवकाश के बाद खुलेंगे। इसके अतिरिक्त कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव और वैश्विक बाजार में होने वाले घटनाक्रम से घरेलू शेयर बाजार की चाल तय होगी। नदीम ने रिटेल निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए कहा कि शेयर बाजार अभी जिस रिकार्ड स्तर के आसपास चल रहा है ऐसे में किसी भी समय बिकवाली का दबाव बन सकता है जिससे छोटे निवेशकों को अधिक नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह महंगाई दर जैसे कई महत्वपूर्ण आंकड़े आने हैं और बाजार पर उसका भी असर होगा। -एजेंसी

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