दिल्ली-एनसीआर में घर की कीमतों में गिरावट 

Samachar Jagat | Thursday, 11 Jan 2018 09:16:42 AM
Domestic prices fall in Delhi-NCR

नई दिल्ली। रीयल एस्टेट क्षेत्र के लिए आए नए कानून रेरा और जीएसटी जैसे सुधारों के चलते दिल्ली-एनसीआर में आवास बिक्री 7 वर्ष के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यही नहीं आवास की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। संपत्ति के मामलों में परामर्श देने वाली कंपनी नाइट फ्रैंक ने यह जानकारी दी।

इसके अनुसार 2017 में आवास बिक्री 6 प्रतिशत गिरकर 37,563 इकाई पर आ गई, यह 2010 के बाद से सबसे निचला स्तर है। जबकि कीमतों में 2 प्रतिशत की गिरावट रही। दिल्ली-एनसीआर में 2017 में नई आवासीय परियोजनाओं की शुरूआत 56 प्रतिशत गिरकर कुल 11,726 इकाई रही, इसके परिणामस्वरूप अनबिके घरों की संख्या 13 प्रतिशत गिरकर 1,66,831 इकाई रही।

नाइट फ्रैंक इंडिया के कार्यकारी अधिकारी (उत्तर) मुदास्सिर जैदी ने मीडिया से यहां कहा कि 2017 एनसीआर आवासीय बाजार के लिए कुछ खास नहीं रहा क्योंकि जीएसटी और रेरा जैसे नीतिगत सुधारों की वजह से नई परियोजना की शुरूआत और बिक्री दोनों में गिरावट रही। गौरतलब हैं कि रेरा मई 2017 से प्रभावी है जबकि जीएसटी जुलाई में लागू हुआ है।

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उन्होंने कहा कि बिक्री और नए परियोजनाओं में गिरावट के कारण दिल्ली-एनसीआर में अनबिका स्टॉक (तैयार खड़े मकान) नीचे आ गया है। इस स्टॉक को खाली करने में चार साल का समय और लगेगा। जैदी ने कहा कि 2017 में औसत बीएसपी में 2 प्रतिशत की गिरावट रही। वहीं, दूसरी ओर अध्ययन में पता चला है कि आठ मेट्रो शहरों में नई परियोजना की शुरुआत में 78 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 1,03,570 इकाई रही।

2010 में जब रीयल्ती क्षेत्र अपने उफान पर था तो उस वक्त यह आंकड़ा 4,80,424 इकाई था। रपट में कहा गया है कि 8 मेट्रो क्षेत्रों मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुर, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता तथा अहमदाबाद में 2017 की दूसरी तिमाही में नई परियोजना की शुरूआत कुल 40,832 इकाई रही जबकि 2016 में इस अवधि में यह 68,702 इकाई था।

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इसमें 41 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। सबसे ज्यादा गिरावट हैदराबाद में देखने को मिली। 2017 की दूसरी छमाही में बिक्री मामूली रूप से गिरकर 2016 में 1,09,159 इकाई से 1,07,316 इकाई पर आ गई। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन शिशिर बैजल ने रपट में कहा कि 2017 के अंत तक आवासीय क्षेत्र में एक दशक से कम समय में संकुचन देखा गया।



 

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