आर्थिक आंकड़े और वैश्विक संकेत तय करेंगे शेयर बाजार की चाल

Samachar Jagat | Sunday, 23 Sep 2018 02:54:36 PM
Economic data and global signal will decide the move of the stock market

मुम्बई। लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट में रहने वाले घरेलू शेयर बाजार की चाल आगामी सप्ताह वैश्विक संकेतों के अलावा आर्थिक आंकड़े तथा रुपये और कच्चे तेल के उतार-चढाव से तय होगी। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,249.04 अंक की साप्ताहिक गिरावट के साथ 36,841.60 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 372.10 अंक लुढ़ककर 11,143.10 अंक पर आ गया।

दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मंझोली कंपनियों में भी बिकवाली का भारी दबाव रहा और बीएसई का मिडकैप 754.34 अंक की साप्ताहिक गिरावट में 15,595.63 अंक पर और स्मॉलकैप 907.83 अंक लुढ़ककर 15,763.10 अंक पर आ गया। बीते सप्ताह कारोबार के अंतिम दिन शुक्रवार को शेयर बाजार में गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की खस्ता हालत को लेकर फैली अफवाह से कंपनियों को सबसे अधिक घाटा उठाना पड़ा और बाजार पूंजीकरण में कई लाख करोड़ रुपये की कमी आयी।

रुपए की कमजोरी के चलते गाडिय़ों के दाम बढ़ा सकती हैं टोयोटा, मर्सिडीज बेंज

अगले सप्ताह भी एनबीएफसी को लेकर निवेशक सतर्कता बरत सकते हैं। हालांकि इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मीडिया में बयान देकर निवेशकों को अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति के प्रति आश्वस्त करने की कोशिश की है लेकिन इसका असर अगले सोमवार को बाजार खुलने पर ही पता लग पायेगा। इस हलचल के बीच दिवालिया हो चुकी कंपनी आईएलएंडएफसी के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश बावा ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

इसके साथ ही आगामी सप्ताह गुरुवार को सितंबर का वायदा कारोबार समाप्त होने वाला है, जिसका असर बाजार पर दिखेगा। सरकार शुक्रवार को अगस्त के वित्तीय घाटे के आंकड़े जारी करेगी। भारतीय मुद्रा डॉलर के टूटने से बीते सप्ताह आखिरी दो दिन मजबूती में रही है और अगले सप्ताह इसके रूख से निवेशकों का रूझान प्रभावित होगा। कच्चे तेल के बाजार पर भी निवेशकों का ध्यान है। इन सबके बीच वैश्विक मंच पर 25 और 26 सितंबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर निवेशकों की नजर होगी।

ऐसा अनुमान है कि फेड रिजर्व ब्याज दर में इस बार 25 आधार अंकों की बढोतरी कर सकता है, जिससे शेयर बाजार पर दबाव आ सकता है। अमेरिका और चीन के बीच विवाद भी कारोबारी धारणा को कमजोर हुये है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सेंसेक्स की 30 में से मात्र पांच कंपनियों को हरे निशान में जगह मिल पायी। शेष सभी 25 कंपनियां गिरावट में रहीं। आईटी कंपनी विप्रो के शेयरों में सबसे अधिक 2.18 फीसदी की साप्ताहिक तेजी रही।

सैमसंग ने लॉन्च किए दो नए स्मार्टफोन, पहली बार फोन में होगा ये नया फीचर

इसके साथ ही टीसीएस में 1.96, टाटा स्टील में 1.50, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.70 और पावर ग्रिड में 0.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी। सबसे अधिक घाटा इस अवधि में यस बैंक को हुआ। बैंक के शेयरों में 29.73 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गयी। इसके अलावा टाटा मोटर्स डीवीआर के शेयरों के भाव 8.50, भारतीय स्टेट बैंक के 7.01, टाटा मोटर्स के 6.10, इंडसइंड बैंक के 5.97, एक्सिस बैंक के 5.79, अदानी पोटर्स के 4.75, एचडीएफसी के 4.72, कोटक बैंक के 4.67, सन फार्मा के 4.45, एनटीपीसी के 4.37, इंफोसिस के 3.93, आईसीआईसीआई बैंक के 3.15, एचडीएफसी बैंक के 2.97, भारती एयरटेल के 2.93, बजाज ऑटो के 2.87, रिलायंस के 2.87, वेदांता के 2.46, एशियन पेंट्स के 2.10, एल एंड टी के 2.00, आईटीसी के 1.04, हीरो मोटोकॉप्र्स के 0.67, कोल इंडिया के 0.60 और भहदुस्तान यूनीलीवर के 0.52 प्रतिशत लुढ़क गये।- एजेंसी

 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.