वित्तीय संकट: जेट एयरवेज के लिए सिर्फ एतिहाद एयरवेज ने लगाई बोली

Samachar Jagat | Saturday, 11 May 2019 10:39:33 AM
Financial crisis: just Etihad Airways quotes for Jet Airways

मुंबई। वित्तीय संकट की वजह से फिलहाल ठप पड़ी निजी विमान सेवा कंपनी जेट एयरवेज की हिस्सेदारी खरीदने के लिए सिर्फ एक खरीददार एतिहाद एयरवेज सामने आया है। बैंकों का ऋण चुकाने में विफल रही एयरलाइन की हिस्सेदारी बेचने के लिए ऋणदाताओं के कंसोर्टियम ने बोली प्रक्रिया शुरू की थी जिसमें बोली लगाने का समय शुक्रवार शाम छह बजे समाप्त हो गया। बोली प्रक्रिया एसबीआई कैपिटल मार्केटस लिमिटेड (एसबीआई कैप्स) की देखरेख में पूरी हुई।

Rawat Public School

जगुआर लैंड रोवर की अप्रैल में बिक्री 13.3' गिरकर 39,185 इकाइयों पर

एसबीआई कैप्स के एक प्रवक्ता ने बताया कि एतिहाद एयरवेज से सीलबंद निविदा प्राप्त हुई है और ऋणदाताओं के समक्ष उसे पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि संयुक्त अरब अमिरात की विमान सेवा कंपनी एतिहाद एयरवेज पहले से जेट एयरवेज में 24 प्रतिशत की हिस्सेदार है। जेट एयरवेज की 75 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने के लिए 08 अप्रैल को निविदा आमंत्रित की गई थी। तकनीकी निविदा जमा कराने के लिए 12 अप्रैल शाम छह बजे तक का समय दिया गया था।

चार संभावित खरीददारों ने तकनीकी निविदा जमा कराई थी। उनसे वित्तीय निविदा आमंत्रित की गई थी जिसे जमा कराने के लिए 10 मई की समय सीमा तय की गई थी। एसबीआई कैप्स के प्रवक्ता ने बताया कि एतिहाद एयरवेज के अलावा कुछ ऐसे खरीददारों से भी प्रस्ताव मिले हैं जिन्होंने तकनीकी बोली प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया था और इस प्रकार उनके प्रस्ताव बोली प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सके।

हालाँकि, ऋणदाताओं का कंसोर्टियम उन पर भी विचार करने के लिए स्वतंत्र है। गौरतलब है कि नकदी की कमी के कारण जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल को तत्काल प्रभाव से परिचालन बंद करने की घोषणा कर दी थी। वह विमान का किराया, हवाई अड्डा शुल्क, विमान ईंधन की कीमत और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में भी विफल रही है।

रिलायंस करेगी ब्रिटेन की खिलौना कंपनी हैमलेज का 620 करोड़ रुपये में अधिग्रहण

विमान पटटे पर देने वाली कंपनियां उसके 50 से ज्यादा विमानों का पंजीकरण रद्द करा चुके हैं और कई अन्य विमान उन्होंने ग्राउंड कर दिए हैं। करीब छह महीने पहले तक 123 विमानों का परिचालन करने वाली कंपनी के कर्मचारी बड़ी संख्या में नौकरी छोड़ चुके हैं। उसके 1,500 पायलटों में से 500 दूसरी कंपनियों में जा चुके हैं। एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने कंपनी को परिचालन जारी रखने के लिए 1,500 करोड़ रुपए की फौरी राहत राशि देने का वादा किया था, लेकिन यह राशि नहीं देने के बाद कंपनी को परिचालन पूरी तरह बंद करने पर विवश होना पड़ा। 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.