गडकरी का वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को इस्तेमाल में लाने पर जोर

Samachar Jagat | Tuesday, 09 Oct 2018 08:29:13 AM
Gadkari's emphasis on the use of alternative fuel sources

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

लखनऊ। पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में हो रही बढ़ोत्तरी के बीच केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को देश में मौजूद बायो एथनाल सहित विभिन्न वैकल्पिक ईंधन स्रोतों की सम्भावनाओं के पूर्ण इस्तेमाल पर जोर दिया। गडकरी ने यहां आयोजित इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल के समापन अवसर पर कहा कि तेल का आयात भारत के लिए दुरूह हो रहा है।


पहले से निर्मित घर खरीदने पर लोगों का अधिक जोर

इसलिए हमें इसके विकल्पों की तरफ ध्यान देना होगा। भारत में कचरे से सम्पदा बनाने की पूरी सम्भावना है और जैवईंधन, मेथनाल तथा एथनाल के रूप में ईंधन के विकल्पों के उत्पादन की अपार सम्भावनाओं का पूरा इस्तेमाल करना होगा। केन्द्रीय भूतल परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की देखरेख में ईंधन के इन किफायती और पर्यावरण के प्रति मित्रवत विकल्पों को लेकर सफल प्रयोग किया जा चुका है। उनके मंत्रालय ने वैकल्पिक ईंधन के जरिये खासा राजस्व भी कमाया है।

अप्रैल-सितंबर में ऑयल मील निर्यात नौ प्रतिशत बढ़कर हुआ 14 लाख टन

गडकरी ने कहा कि भारत के विशाल जंगलों में ऐसी वनस्पतियां तथा प्राकृतिक उत्पादों की भरमार है, जिनसे एथनाल सहित ईंधन के विभिन्न विकल्प तैयार किए जा सकते हैं। केन्द्र सरकार ने आदिवासियों से वे कुदरती उत्पाद खरीदने के लिए नीति तैयार की है। इससे आदिवासियों का आर्थिक उत्थान भी होगा। उन्होंने कहा कि हम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से देश की गरीबी को दूर कर सकते हैं। जिस तरह हमारे वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं, उससे हमारा मुल्क निश्चित रूप से आर्थिक महाशक्ति बनेगा।

जयललिता को भारत रत्न देने की मांग

केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवद्र्धन ने इस मौके पर भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान मेले को बेहद कामयाब बताते हुए कहा कि पिछले पांच अक्टूबर को शुरू हुए इस चार दिवसीय आयोजन को 10 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा, जो दुनिया में कहीं और शायद सम्भव नहीं था। इसके अलावा 20 हजार छात्रों और वैज्ञानिकों ने यहां पंजीयन कराया। उन्होंने कहा कि वह न्यू इंडिया की परिकल्पना करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अब आश्वासन दे सकते हैं कि देश के पास वर्ष 2022 तक नया भारत बनाने वाले लोग मौजूद हैं। हर्षवद्र्धन ने कहा कि स्वास्थ्य की तरह विज्ञान को भी सामाजिक आंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर ‘साइंस इण्डिया’ वेब पोर्टल का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने भी सम्बोधित किया।

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!



Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.