रिजर्व बैंक से नहीं चाहिए भंडार का हस्तांतरण, पूंजी की रूपरेखा पर हो रही बातचीत: सरकार

Samachar Jagat | Saturday, 10 Nov 2018 01:31:59 PM
Government does not want to transfer the reserves from the Reserve Bank

नई दिल्ली। सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ जारी खींच-तान के बीच शुक्रवार को स्पष्ट किया वह इस समय इस विषय में चर्चा कर रही है कि केंद्रीय बैंक के पास आरक्षित पूंजी कितनी होनी चाहिए और इसका उपयुक्त पैमाना क्या हो सकता है? सरकार ने इस बात से इंकार किया कि वह भारतीय रिजर्व बैंक के पास पड़े विशाल आरक्षित कोष में से कुछ राशि मांग रही है। रिजर्व बैंक के पास 9.59 लाख करोड़ रुपए की पूंजी का भंडार है। यदि खबरों को सही माना जाए तो सरकार इस राशि का एक तिहाई हिस्सा बाजार में डालना चाहती है। इसके साथ ही सरकार कमजोर वाणिज्य बैंकों पर लागू पाबंदियों में कुछ ढील की भी मांग कर रही है। वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने इस बीच स्पष्टीकरण देते हुए शुक्रवार को ट्वीट में कहा कि सरकार को राशि की कोई दिक्कत नहीं है और रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपए की पूंजी मांगे जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

राजकोषीय घाटा के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में 3.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटा लक्ष्य पर टिकी रहेगी। उन्होंने कहा, मीडिया में गलत जानकारी वाली तमाम अटकलबाजियां चल रही हैं। सरकार का राजकोषीय हिसाब-किताब बिल्कुल सही दिशा में है। आरबीआई से सरकार को 3.6 या एक लाख करोड़ रुपए हस्तांतरित कराने का कोई प्रस्ताव नहीं है जैसा कि अटकलबाजियां की जा रही हैं। गर्ग ने कहा, वर्ष 2013-14 में सरकार का राजकोषीय घाटा जीडीपी के 5.1 प्रतिशत के बराबर था। उसके बाद से सरकार इसमें लगातार कमी करती आ रही है। हम वित्त वर्ष 2018-19 के अंत में राजकोषय घाटे को 3.3 तक सीमित कर देंगे। सरकार ने दरअसल बाजार से 70 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना को भी छोड़ दिया है।

गर्ग ने कहा कि इस समय , केवल एक प्रस्ताव पर ही चर्चा चल रही है और वह रिजर्व बैंक की आर्थिक पूंजी की व्यवस्था तय करने की चर्चा है। एक अन्य अधिकारी के अनुसार, सरकार चाहती है कि रिजर्व बैंक लाभांश तथा पूंजी भंडार के बारे में नई नीति तय करे। अधिकारी ने कहा, अभी रिजर्व बैंक की पूंजीगत आवश्यकताओं के अनुसार 27 प्रतिशत के बराबर पूंजी का प्रावधान रखा जाता है। हालांकि अधिकांश केंद्रीय बैंक इसे 14 प्रतिशत पर रखते हैं। हमारा मानना है, यदि रिजर्व बैंक पूंजी के प्रावधान को 14 प्रतिशत कर ले तो बाजार को 3.6 लाख करोड़ रुपए मिल सकते हैं। -एजेंसी
 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.