जीएसटीएन ने जारी किया रिटर्न भरने की सरल प्रणाली का नमूना

Samachar Jagat | Thursday, 23 May 2019 11:58:25 AM
GSTN issued sample of simple system of filing returns

नई दिल्ली। जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ने बुधवार को जीएसटी रिटर्न फार्म भरने की नई और सरल प्रणाली का नमूना पेश किया है। यह फार्म इसी साल जारी किया जाएगा। यह नमूना 'एचटीटीपी://डेमोऑफलाइनटूल डॉट जीएसटी डॉट गॅव डॉट इन/ इंस्ट्रक्शंस’ पर उपलब्ध है। यह संबंधित पक्षों को यह जानकारी देगा कि नई रिटर्न फाइलिंग प्रणाली किस तरह की दिखेगी। जीएसटीएन ने प्रस्तावित ऑफलाइन सॉफ्टवेयर नमूने पर संबंधित पक्षों की राय भी मांगी है। यह उपयोगकर्ताओं को इनवॉयस अपलोड, प्रणालीगत आंतरिक आपूर्ति से मिलान के लिए खरीद रजिस्टर अपलोड करने और सारिणी से विकल्प चयन (ड्रॉप डाउन मेन्यु) इत्यादि की अनुमति देगा। नए जीएसटी रिटर्न फाइलिंग की प्रस्तावित प्रणाली में एक सामान्य करदाता को मासिक या तिमाही आधार पर जीएसटी आरईटी-1 (सामान्य) या फार्म जीएसटी आरईटी-2 (सहज) या फार्म जीएसटी आरईटी-3 (सुगम) भरना होगा।

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इन रिटर्न के तहत आपूर्ति संलग्नक (जीएसटी एएनएक्स-1) और आंतरिक आपूर्ति संलग्नक (जीएसटी एएनएक्स-2) को भरा जाएगा। सभी बाह्य आपूर्ति का ब्योरा जीएसटी एएनएक्स-1 में होगा जबकि जीएसटी एएनएक्स-2 आंतरिक आपूर्ति का ब्योरा होगा। आपूर्तिकर्ताओं को फार्म जीएसटी आरईटी-1 फार्म में विस्तृत रिटर्न भरना होगा। जो कंपनियां केवल उपभोक्ताओं (बी2सी) को आपूर्ति करती हैं, उन्हें सहज फार्म भरना होगा। इसमें बाह्य आपूर्ति तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए आंतरिक आपूर्ति का ब्योरा शामिल होगा। इसके अलावा जो कंपनियां, कंपनियों (बी2बी) और ग्राहकों (बी2सी) को आपूर्ति करती हैं, उन्हें 'सुगम’ फार्म भरना होगा। इसमें की गई आपूर्ति तथा कर देनदारी, इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने के लिए आंतरिक आपूर्ति का ब्यौरा देना होगा। साथ ही ब्याज और कर भुगतान के बारे में जानकारी देनी होगी।

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संबंधित पक्ष अपनी राय 'फीडबैक डॉट न्यू रिटर्न एट जीएसटीएन डॉट ओरआरजी डॉट इन’ पर दे सकते हैं। नया रिटर्न भरने का प्रारूप अंतिम बिक्री रिटर्न जीएसटीआर-1 तथा बिक्री रिटर्न का सारांश जीएसटीआर-3बी भरने की मौजूदा जरूरत का स्थान लेगा। उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद ने पिछले साल जुलाई में सरलीकृत जीएसटी रिटर्न फार्म 'सहज’ और 'सुगम’ पायलट आधार पर एक अप्रैल 2019 से लागू करने का निर्णय किया था। देश भर में अनिवार्य रूप से इसकी फाइलिंग जुलाई से शुरू होगी। हालांकि प्रणाली तैयार नहीं होने के कारण पायलट परियोजना को टाल दिया गया था। -एजेंसी

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