गृह ऋण के आंकड़े कह रहे हैं कि छोटे, मझोले शहरों में बढ़ रही है घरों की मांग: जेएलएल

Samachar Jagat | Tuesday, 11 Jun 2019 11:54:51 AM
Home loan figures are saying that the demand for homes in small, medium cities is increasing

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

नई दिल्ली। आवास ऋण में महानगरों की तुलना में छोटे - मझोले शहरों में तेज वृद्धि से पता चलता है कि दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों के मुकाबले दूसरे शहरों में घरों की मांग में वृद्धि अधिक है। जमीन, मकान के बारे में परामर्श देने वाली कंपनी जेएलएल ने सोमवार को एक विश्लेषण रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार देश के छोटे एवं मझोले 50 शहरों में वित्त वर्ष 2012-13 से 2017-18 के दौरान बकाया मकान कर्ज में 15 प्रतिशत से 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी दौरान चार महानगरों...दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में इसमें 8 प्रतिशत से 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

Google Maps में जुड़ रहे हैं खास फीचर, बस और ट्रेन यात्रियों को मिलेगी यातायात की लाइव जानकारी

कंपनी की आरबीआई के आवास ऋण आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान देश का आवास ऋण बाजार 4,600 अरब रुपए से बढ़कर 9,700 अरब रुपए पहुंच गया। कुल मिलाकर इसमें 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
जेएलएल इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा क्षेत्रीय प्रमुख रमेश नायर ने कहा, आवास ऋण के आंकड़े इस धारणा को गलत साबित करते हैं कि देश में रिहायशी मकानों की मांग को गति शीर्ष शहरों मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और कोलकता से मिल रही है। आंकड़ों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि विकास का जोर धीरे-धीरे छोटे एवं मझोले शहरों (टियर 2 और टियर 3) तक पहुंचने के साथ इन जिलों में मकान खरीदारों की रूचि बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, वित्त वर्ष 2012-13 से 2017-18 के दौरान बकाया आवास ऋण में महानगरों की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत से घटकर 16 प्रतिशत पर आ गई। वहीं देश के अन्य भागों की हिस्सेदारी इस दौरान 78 प्रतिशत से बढ़कर 84 प्रतिशत पहुंच गई।
रिपोर्ट के अनुसार संपर्क सुविधा में सुधार, बुनियादी ढांचा बेहतर होने, अच्छे स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों से आवास क्षेत्र को लाभ मिल रहा है और घरों की मांग बढ़ रही है।

Instagram के इस फीचर से मोबाइल डेटा की होगी बचत, फटाफट डाउनलोड हो जाएंगी PHOTOS

इसमें कहा गया है कि शुरू में जरूर छोटे एवं मझोले शहरों में आवास ऋण में वृद्धि का कारण उच्च ब्याज पर गैर-बैंकिग कंपनियों से लिए गए कर्ज को वाणिज्यिक बैंकों में स्थानांतरण करना था जो अपेक्षाकृत कम ब्याज पर ऋण रहे थे। इसके अलावा अपेक्षाकृत कम अवधि में पूरी होने वाली छोटी परियोजनाओं, कंपनियों तथा मकान खरीदारों के बीच तालमेल तथा समय पर परियोजना पूरी होने से मकानों की बिक्री बढ़ी है। -एजेंसी


 

loading...


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
loading...


Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.