पैलेट निर्माताओं के संगठन ने कर्नाटक से लोहे के गोला निर्यात के लिये सरकार से मदद मांगी

Samachar Jagat | Thursday, 18 Oct 2018 04:25:07 PM
Organization of pallet manufacturers sought government help for iron shell export from Karnataka

नई दिल्ली।  पैलेट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया ( पीएमएआई ) ने कर्नाटक के गोला ( पैलेट ) उद्योग के लिए निर्यात के दरवाजे खोलने के लिए सरकार से मदद मांगी है।  उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के कारण इनके निर्यात पर वर्तमान में रोक है। लौह अयस्क के चूरे को इकट्ठा कर एक ठोस गोला ( पैलेट ) बनाया जाता है और फिर इसे भट्टी में डालकर लौह अयस्क छर्रा बनाया जाता है। फिर इससे स्टील बनाने के लिए इसे विस्फोट भट्टी या डीआरआई में डाला जाता है।    

पीएमएआई के महासचिव दीपक भटनागर ने कहा, वर्तमान में कर्नाटक लौह अयस्क का निर्यात नहीं कर सकता है। गोले भी लौह अयस्क से बनते हैं। इस लिहाज से उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के मुताबिक, गोलों का निर्यात नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार से तुरंत जरूरी कदम उठाने का अनुरोध करता है ताकि गोला निर्यात को शुरू किया जा सके। भटनागर ने कहा, निर्यात से विदेशी मुद्रा लाने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि संयुक्त सचिव पुनीत कंसल की अध्यक्षता में पिछले महीने इस्तात मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में गोला निर्माताओं ने अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा, हमनें उन्हें सूचित किया था कि राज्य में प्रचुर मात्रा में लौह अयस्क है। लेकिन लौह अयस्क से बने गोलों का निर्यात नहीं किया जा सकता है। इसलिए हम गोला निर्माताओं को बचाने का अनुरोध करते हैं, जो कि प्रतिबंध के चलते मुश्किलों में हैं। गोले के निर्यात को मंजूरी मिलनी चाहिए... यह इस्पात उद्योग की जरूरत है । - एजेंसी 



 

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