श्री सीमेंट व जेके लक्ष्मी सीमेंट की बढ़ी मुश्किलें, एक सप्ताह का दिया अल्टीमेटम

Samachar Jagat | Monday, 16 Sep 2019 12:17:58 PM
Problems of Shree Cement and JK Lakshmi Cement increased

-दोनों सीमेंट कंपनियाों पर कसा शिकंजा, विभाग की एंटी विजन की टीमों ने जांच का बढ़ाया दायरा
-श्री सीमेंट व जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी को भेजा समन, मांगा पांच साल का रिकॉर्ड
-पांच साल की डीजल की खरीद व उपयोग में हुए जीएसटी के घपले के आरोपों के सच का जल्द होगा खुलासा
-कंपनियां रिकॉर्ड देने में कर रही आनाकानी, डीजल के खरीद व उपयोग के रिकॉर्ड खंगालेगा विभाग

रामसिंह राजावत
जयपुर। वाणज्यि कर विभाग की एंटी विजन टीमों ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए श्री सीमेंट व जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी पर शिकंजा कस दिया है और पांच साल में डीजल की खरीद, उपयोग व डिमांड का पांच साल का रिकॉर्ड तलब किया है हालांकि दोनों कंपनियां रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में आनाकानी कर रही है।


loading...

खनन कार्य के लिए रियायती डीजल मंगाने वाली दो सीमेंट कंपनियों के मामले में नया मोड़ आ गया है। वाणज्यि कर विभाग ने रियायती डीजल को ट्रांसपोटर्स को उपलब्ध कराने और जीएसटी चोरी के मामले की जांच के लिए श्री सीमेंट व जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी के प्रबंधन को समन जारी किया है।

विभाग की ओर से एक सप्ताह का अल्टीमटम देते हुए पांच साल का रिकॉर्ड मांगा गया है ताकि खनन कार्य के अलावा उपयोग में लिए गए करोड़ों रूपए के डीजल मामले की जांच की जा सके। विभाग को अंदेशा है कि पिछले पांच साल में रियायती डीजल में करोड़ों रूपए की जीएसटी चोरी हुई है।

इसके तहत विभाग ने एक सप्ताह में ट्रांसपोटर्स को सप्लाई किए गए डीजल, खनन कार्य, पावर जनरेशन समेत अन्य उपयोग में लिए गए डीजल का पांच साल का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए ताकि जांच कर जीएसटी चोरी का मामले की पड़ताल की जा सके। हालंकि कंपनियां ने तत्काल रिकॉर्ड सौंपने के बजाय कोर्ट व वकीलों के चक्कर काट रही है और यह कहकर पल्ला झाड़ रही है कि विभाग ने सीमेंट बिजनेस को चौपट करने के लिए छापे मारे है।

वाणिज्य कर विभाग की एंटी एवेजन शाखा ने पिछले सप्ताह जीएसटी चोरी किए जाने की शिकायतों को लेकर श्री सीमेंट के पांच प्लांटों ब्यावर, खुशखेड़ा, रास, जोबनेर समेत पांच प्लांट व जेके लक्ष्मी सीमेंट के पिडवाड़ा प्लांट में स्थित पेट्रोल पंप व विभिन्न कार्यालयों छापेमारी कर कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर मिले रिकॉर्ड को जब्त किया गया था, लेकिन संपूर्ण रिकॉर्ड के लिए अफसरों ने कंपनी से बात की तो श्री सीमेंट कंपनी ने यह कहकर समय मांगा कि सी फार्म का डीजल रेवाड़ी, मथुरा, भटिडा समेत कई जगहों से लाया जा रहा है।

इसके पांच साल के रिकॉर्ड के लिए समय चाहिए। दो दिन के बाद भी रिकॉर्ड नहीं आया तो वाणिज्य कर विभाग की एंटी इवेजन पाली की यूनिट ने श्री समेंट व जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी के प्रबंधन को समन जारी कर एक सप्ताह में रिकॉर्ड जमा कराने के लिए कहा है। तय अवधि में रिकॉर्ड नहीं आने पर विभग जीएसटी की गणना जब्त किए गए रिकॉर्ड के अनुसार करेगा।

आश्चर्य जनक तथ्य यह है कि कंपनियों ने खनन कार्य के लिए कितना डीजल उपयोग किया, ट्रांसपोर्ट कारोबार करने वालों को कितना डीजल सप्लाई किया। इस तथ्य में भारी अंतर है। नियमों के तहत विभाग की ओर से सी फार्म इश्यू कर रियायती डीजल खरीद के लिए कंपनी को अधिकृत किया जाता है लेकिन कंपनियां ट्रांसपोर्ट व अन्य व्यासायिक कार्यों में डीजल उपयोग करने की शिकायतें आ रही थी। इसके मददेनजर ही छापेमारी की गई।

कंपनियां रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से क्यों कतरा रही?

विभाग की ओर से पांच साल में डीजल की खरीद, उपयोग, डिमांड और ट्रांसपोर्टरों को बेचने अथवा सप्लाई करने का रिकॉर्ड मांगा गया लेकिन कंपनियां एक सप्ताह में विभाग को रिकॉर्ड सौंपने के बजाय वकीलों व कोर्ट के चक्कर काट रही है। अफसरों का कहना है कि जब जीएसटी चोरी की शिकायतें मिली है तो रिकॉर्ड की जांच करने में कंपनियां अड़चनें क्यों डाल रही है। खनन कार्य में ही रियायती डीजल का उपयोग किया जा सकता है। ट्रांसपोर्ट व अन्य व्यावसायिक कार्यों में डीजल के उपयोग में रियायती डीजल नहीं मिल सकता। इसमें करोड़ों रूपए की जीएसटी देय है।

श्री सीमेंट कंपनी के प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला

संवाददाता ने विभाग की ओर से डीजल की खरीद व उपयोग के पांच साल के रिकॉर्ड मांगने व जीएसटी चोरी की शिकायतों के मामले में श्री सीमेंट कं प्रबंधन से कंपनी का पक्ष जानना चाहा तो कंपनी के उच्चाधिकारी ने पहले तो फोन पर यह कहकर अफसरों की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए कहा कि सीमेंट के व्यवसाय को चौपट करने के लिए कार्रवाई की गई है। जब संवाददाता ने कहा कि रिकॉर्ड सौंपने में क्या दिक्कत है, जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि हम वकीलों से राय ले रहे हैं। कंपनी का यही पक्ष है।

जेके लक्ष्मी के राजस्थान हैड पी एल मेहता से सवाल-जवाब

सवाल-डीजल में जीएसटी चोरी का आरोप लगा है, कंपनी का क्या कहना है?

जवाब-विभाग की ओर से की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है

सवाल-खनन कार्य के लिए डीजल में रियायत देय है लेकिन ट्रांसपोर्ट कारोबार में सप्लाई की गई जिसमें जीएसटी का राजस्व नुकसान को लेकर विभाग ने छापे मारे है

जवाब-अभी हम कुछ नहीं कह सकते, विभाग की कार्रवाई के लिए वकीलों से परामर्श कर रहे हैं

सवाल-क्या विभाग को रिकॉर्ड सौंप रहे है?

जवाब- हम अभी राय ले रहे हैं, कंपनी के वकीलों से बात कर रहे हैं, इसके बाद कुछ कदम उठाएंगे।

इसी तरह जे के लक्ष्मी के राजस्थान हैड पीएल मेहता ने कहा कि कंपनी इस संबंध में रिकॉर्ड सौंपने के लिए वकीलों से परामर्श कर रही है। बाकी कंपनी को कुछ नहीं कहना।

वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त सचिव ए आर सौलंकी से बातचीत
सवाल-श्री सीमेंट व जेके लक्ष्मी सीमेंट पर हुई कार्रवाई में क्या सामने सामने आया?

जवाब-जीएसटी चोरी की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की है, रिकॉर्ड आने पर पता चलेगा कि रियायती डीजल का कितना दुरूपयोग हुआ है
सवाल-कितने करोड़ रूपए की जीएसटी चोरी हुई है।
जवाब- अभी कुछ नहीं कह सकते, पांच साल का रिकॉर्ड मांगा है, इसके लिए समन जारी कर दिए

सवाल-किस आधार पर कार्रवाई की है जब यही नहीं पता कि कैसे और किस आधार पर ट्रांसपोटर्स को डीजल सप्लाई में किस रेशो में जीएसटी का राजस्व नुकसान हुआ
जवाब-हमने डीजल खरीद, उपयोग, खनन में उपयोग व अन्य कार्यो में डीजल उपयोग की पांच साल की जानकारी मांगी है, जांच में सब सामने आ जाएगा

सवाल- विभाग पर आरोप लग रहे हैं कि सीमेंट कंपनियों के दबाव में इस मामले की जांच की लंबी प्रक्रिया करके डिले किया जा रहा है
जवाब-ऐसा नहीं है, जांच के बाद सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।
 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.