आरकॉम को जून तिमाही में 1,210 करोड़ रुपए का घाटा

Samachar Jagat | Sunday, 13 Aug 2017 06:56:17 AM
आरकॉम को जून तिमाही में 1,210 करोड़ रुपए का घाटा

नई दिल्ली। दूरसंचार कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) को 30 जून 2017 को समाप्त तिमाही में 1210 करोड़ रुपए का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ। 

ऋण बोझ से दबी इस कंपनी को लगातार तीसरी तिमाही में घाटा हुआ है। इसके साथ ही कंपनी दूरसंचार क्षेत्र में शुल्क दर को लेकर छिड़ी कड़ी प्रतिस्पर्धा के दबाव से उबर नहीं पा रही है। दूरसंचार क्षेत्र में मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली नयी कंपनी रिलायंस जियो के आने से कड़ी प्रतिस्पर्धा का दौर शुरू हुआ है।

कंपनी ने हालांकि, पिछले साल की पहली तिमाही में 90 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था। आरकॉम ने एक बयान में कहा है कि वित्त वर्ष 2017- 18 के दौरान देश के दूरसंचार क्षेत्र पर काफी प्रतिकूल असर पड़ा। दूरसंचार क्षेत्र में ऐसी कड़ी प्रतिस्पर्धा पहले नहीं देखी गई थी। 

कंपनी का कहना है कि आलोच्य तिमाही में उसके इक्विटी धारकों को 1,221 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ जबकि गत वर्ष इसी अवधि में इस मद में 54 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।

कंपनी का एकीकृत कारोबार इस दौरान 33 प्रतिशत घटकर 3591 करोड़ रुपए रह गया जो 2016 की समान तिमाही में 5361 करोड़ रुपए था। कंपनी का कहना है 20 साल में पहली बार दूरसंचार क्षेत्र के कारोबार में गिरावट आई है जिससे राजस्व में सरकार की हिस्सेदारी घटी है तथा परिचालन मार्जिन में कमी आई है। 

आलोच्य तिमाही के आखिर में कंपनी की ऋण स्थिति का पता नहीं चल पाया है। ऋणदाताओं ने बकाया के भुगतान के लिए कंपनी को दिसंबर तक का समय दिया है। आरकॉम ने इससे पहले लगभग 45,000 करोड़ रपये के ऋण की सूचना दी थी। कंपनी को इस माह के अंत तक सिस्तेमा श्याम टेलिकॉम के पूर्ण विलय की उम्मीद है। इसके विलय से कंपनी के आठ दूरसंचार सर्किलों में प्रीमियम 850 बैंड में 30 मेगाहटर्ज जुड़ जायेंगे। इन सर्किलों में स्पेक्ट्रम की वैधता 2033 तक है।

आरकॉम ने दोहराया है कि उसके मोबाइल व्यावसाय का एयरसेल के साथ विलय कार्यक्रम के मुताबिक बढ़ रहा है जिससे उसका कर्ज 14,000 करोड़ रुपए कम हो जायेगा। कंपनी को उम्मीद है कि उसके टावर कारोबार की ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट को बिक््री से उसका कर्ज 11,000 करोड़ रुपए और कम हो जायेगा। ये सौदा अंतिम चरण में है। 

रिलायंस कम्युनिकेशंस के निदेशक मंडल ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक को भी मंजूरी दी है। इस बैठक में कंपनी के बकाया कर्ज को जहां कहीं जरूरत हो इक्विटी में परवर्तित करने के बारे में शेयरधारकों की मंजूरी ली जायेगी। बैठक में कंपनी की शेयर पूंजी को 2,500 से बढ़ाकर 5,000 करोड़ करने पर भी विचार किया जायेगा। 

 

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