SBI ने 1,019 करोड़ रुपए की वसूली के लिए फंसे कर्ज के 11 खातों को बिक्री के लिए रखा

Samachar Jagat | Sunday, 04 Nov 2018 12:51:24 PM
SBI keeps 11 accounts of debt trapped for recovery of Rs 1,019 crore

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 1,019 करोड़ रुपए की वसूली के लिए फंसे कर्ज वाले 11 खातों को बिक्री के लिए रखा है। इन एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) खातों को संपत्ति पुननिर्माण कंपनियों और वित्तीय कंपनियों को बेचा जाएगा।

देश के सबसे बड़े बैंक ने कहा कि इन फंसे कर्ज (एनपीए) वाले खातों की नीलामी 22 नवंबर को होगी। एसबीआई ने अपनी वेबसाइट पर नीलामी नोटिस में कहा कि नियामकीय दिशानिर्देश के अनुरूप वित्तीय संपत्ति की बिक्री को लेकर बैंक की नीति के तहत हम इन खातों को संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (एआरसी)/ बैंक/ एनबीएफसी/ वित्तीय संस्थानों के समक्ष रखेंगे।

इन 11 खातों में जानकी कारपोरेशन लि. के ऊपर सर्वाधिक 592.53 करोड़ रुपए का बकाया है। अन्य खातों में वीनस रेमेडीज लि. के ऊपर 83.01 करोड़ रुपए, एसबीएस ट्रांसपोल लाजिस्टिक्स प्राइवेट लि. 63.36 करोड़ रुपए, आर एस लुथ एजुकेशन ट्रस्ट 60.62 करोड़ रुपए, नीलांचल आयरन एंड पावर लि. के ऊपर 52.41 करोड़ रुपए और बालमुकुंद पालीप्लास्ट के ऊपर 50.12 रुपए बकाए हैं।

शेष 5 कंपनियों के ऊपर कुल बैंक का 117 करोड़ रुपए का बकाया है। एसबीआई ने कहा कि इन खातों में रूचि रखने वाली संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियां/बैंक/गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों/ वित्तीय संस्थान रूचि पत्र जमा करने तथा खुलासा नहीं करने का समझौता करने के बाद इन खातों की तत्काल प्रभाव से जांच पड़ताल कर सकती हैं।

एसबीआई का सकल एनपीए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़कर कुल कर्ज का 10.69 प्रतिशत हो गया। यह एक वर्ष पहले इसी तिमाही में 9.97 प्रतिशत था। मूल्य के हिसाब से यह आलोच्य अवधि में बढ़कर 2,12,840 करोड़ रुपए हो गया जो 2017 की इसी तिमाही में  1,88,068 करोड़ रुपए था। फंसे कर्ज में वृद्धि की वजह से एसबीआई को जून तिमाही में 4,876 करोड़ रुपए का भारी घाटा हुआ था।



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.