स्टॉक डेरिवेटिव में वास्तविक निपटान को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य करेगा सेबी

Samachar Jagat | Thursday, 12 Apr 2018 01:00:33 PM
SEBI will make a real settlement in stock derivatives in a phased manner

नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर डेरिवेटिव्स सौदों में डिलिवरी के जरिए वास्तविक निपटान को चरणबद्ध और सोच-विचार के साथ अनिवार्य करने की योजना बनाई है। माना जा रहा है कि इस कदम से इक्विटी नकद सौदों और डेरिवेटिव खंड के बीच बहुप्रतीक्षित संतुलन को कायम किया जा सकेगा। 

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सेबी के सर्कुलर में कहा गया है कि नियामक ने शेयरों को डेरिवेटिव खंड में पेश करने के लिए प्रवेश के मौजूदा मानदंड को भी मजबूत किया है। यह बाजार पूंजीकरण में वृद्धि के अनुरूप होगा। इस मानदंड में आखिरी बार संशोधन 2012 में हुआ था। इसी के अनुरूप वायदा सौदों तथा मीडियन क्वार्टर सिग्मा आर्डर सीमा को बढ़ाकर क्रमश : 300 करोड़ रुपए और 10 लाख रुपए से 500 करोड़ रुपए और 25 लाख रुपए किया गया है।

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इसके साथ ही दैनिक डिलवरी योग्य औसत मूल्य को भी नकद बाजार में 10 करोड़ रुपए कर दिया गया है। बढ़ाए गए मानदंडों के अनुरूप लगातार छह माह तक पूरा करना होगा। सेबी ने कहा है कि शुरुआत में इस समय जो शेयर डेरिवेटिव खंड में हैं लेकिन वह नए मानदंडों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं उनमें सौदों का निपटान भौतिक रूप में करना होगा।

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हालांकि, इसमें कहा गया है कि यदि ये शेयर बढ़ाए गए नए मानदंडों को एक साल तक पूरा नहीं कर पाते हैं अथवा मौजूदा किसी भी मानदंड को लगातार तीन माह तक पूरा नहीं कर पाते हैं तो उन्हें डेरिवेटिव खंड से बाहर होना होगा। सेबी ने इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश तैयार किए हैं। -एजेंसी

 



 

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