जीएसटी लागू होने के बाद कर में कमी और प्रदेश की आय बढ़ी

Samachar Jagat | Monday, 12 Feb 2018 03:53:09 PM
Tax reduction and revenue of the state increased after GST was implemented

जयपुर। राजस्थान सरकार ने दावा किया है वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद कर भार में कमी आने के साथ राज्य के राजस्व में वृद्वि हुई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को बजट भाषण में यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015-16 को आधार वर्ष मानते हुए वैट राजस्व में 14 प्रतिशत की बढोतरी के आधार पर राज्य को माह अक्टूबर 2017 की अवधि के लिए 911 करोड रुपए क्षतिपूर्ति के रुप में प्राप्त हुए है और माह नवम्बर दिसम्बर 2017 के लिए लगभग 751 करोड़ रुपए प्राप्त होना अपेक्षित है।

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राजे ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयास से जीएसटी काउंसिल ने मार्बल , ग्रेनाइट, जैम्स और ज्वैलरी, हैण्डीक्राफ्ट, टैक्सटाइल, होटल, पर्यटन कृषि आदि से संबंधित वस्तुओं पर कर दरों में कमी की है। इसमें स्प्रिंक्लर एवं बूंद बूंद सिंचाई पद्वति और इससे संबंधित नोजल , ट्रैक्टर के कलपुर्जे , रासायिनक खाद पर 18 से पांच प्रतिशत तक की कमी का प्रस्ताव किया गया है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री जनआवास योजना अफाँर्डेबल आवासीय योजनाओं के लिए उपयोग में आने वाली भूमि के मूल्य के लिए एक तिहाई छूट प्रदान करते हुए प्रभावी कर दर को आठ प्रतिशत माना गया है और कोटा स्टोन टाईल्स् तथा मार्बल से बनी देवी-देवताओं की मूर्तियों पर जीएसटी कर दर में कमी के लिए प्रयास किए जा रहे है।

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राजे ने बताया कि कम्पोजिशन का विकल्प लेने वाले करदाताओं के लिए टर्नओवर सीमा को पचास लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए कर दिया गया है तथा जीएसटी काउन्सिल द्वारा संशोधन के पश्चात यह टर्नओवर सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड रुपए करने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह डेढ़ करोड़ से कम टर्नओवर वाले करदाताओं के लिए रिटर्न त्रैमासिक आधार पर प्रस्तुत करने की सुविधा प्रदान की गई है।

राजे ने बताया कि जीएसटी के तहत 181000 नये करदाताओं को पंजीकृत किया गया जिसके परिणामस्वरुप वैट प्रणाली की अपेक्षा जीएसटी के कर आधार में 35 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी और आम आदमी एवं किसानों के उपयोग की लगभग 90 प्रतिशत वस्तुओं का कर भार , पूर्व कर भार (राजस्थान वैट और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क) की अपेक्षा कम हुआ है।



 

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