होटल, रेस्तरांओं के लिए मिला-जुला रहा जीएसटी का पहला साल, दरें तर्कसंगत बनाने की जरूरत

Samachar Jagat | Monday, 09 Jul 2018 03:37:36 PM
The first year of GST mixed for hotels, restaurants, the need to rationalize rates

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मुंबई। होटल और रेस्तरां क्षेत्र के लिए जीएसटी का पहला साल मिला जुला रहा है। इस क्षेत्र की कंपनियां चाहती हैं कि इस कर ढांचे को अभी और तर्कसंगत बनाने की जरूरत है। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू हुये एक जुलाई को एक साल पूरा हो गया। फेडरेशन आफ होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन आफ इंडिया (एफएचआरएआई) के अध्यक्ष गरीश ओबराय ने कहा कि जीएसटी के शुरुआती दिन काफी असमंजस वाले रहे।

ओबराय ने कहा, ''होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र मानकर चल रहा था कि उसे एक कर स्लैब में रखा जाएगा, लेकिन हमने पाया कि हमें शून्य से 28 प्रतिशत तक सभी स्लैब में रखा गया।" उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि जीएसटी का क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ा। अभी हम जीएसटी व्यवस्था के तर्कसंगत होने का इंतजार करेंगे।

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उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर क्षेत्र पर जीएसटी का शुरुआती प्रभाव मिला जुला रहा। ओबराय ने दावा किया कि जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद उद्योग को कुछ अंतरराष्ट्रीय उच्चस्तरीय बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन और कार्यक्रम (एमआईसीई) कारोबार गंवाना पड़ा। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी आप 28 प्रतिशत कराधान दर नहीं देखेंगे। जब तक यह प्रणाली व्यवस्थित हुई ये कारोबार दुनिया में अन्य गंतव्यों पर चले गए।

उन्होंने कहा कि रेस्तरां उद्योग के लिए कर दर को घटाकर पांच प्रतिशत पर लाना सकारात्मक रहा, लेकिन इस दर पर इनपुट क्रेडिट नहीं मिलने की वजह से महानगरों में क ई रेस्तरां प्रभावित हुए हैं। होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन आफ वेस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष दिलीप दतवानी ने कहा कि कई ऐसी चीजें थीं जिनकी वजह से अनिश्चितता थी, हालांकि जीएसटी परिषद ने समय के साथ उन चीजों को स्पष्ट किया। 

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हालांकि, 28 प्रतिशत की ऊंची दर चिंता का विषय है। दतवानी ने कहा कि पर्यटक हमारे पड़ोसी देशों श्रीलंका, भूटान और यहां तक कि थाइलैंड जाना पसंद कर रहे हैं क्योंकि वहां दरें कम हैं। उन्होंने कहा कि बैठकों, सम्मेलनों और कार्यक्रमों के मामले में जो एक बड़ा मुद्दा है वह इस मामले में कारपोरेट क्षेत्र को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलना है।

दक्षिण एशिया रेडिसन होटल समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज राणा ने कहा, ''होटल उद्योग के मामले में हमें उम्मीद है कि वर्तमान में जो तीन दरों में जो कर लग रहा है वह एक भसगल ब्रेकिट में पहुंचेगा।"- एजेंसी

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