महापौर के पद को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने प्रांरभ की दावेदारी, टिकिट को लेकर दिल्ली दरबार तक लगाई जा रही है ढोक। 

Samachar Jagat | Tuesday, 27 Aug 2019 03:39:26 PM
Congress leaders are starting the claim for the post of Mayor, Dhok is being put up to Delhi Durbar with the ticket.

इंटरनेट डेस्क। आगामी दो माह बाद नवम्बर माह में जयपुर नगर-निगम के चुनाव होने जा रहे है। नगर-निगम चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनां ही पार्टियों में सरगर्मी प्रारंभ हो गई है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही नगर-निगम के सीधे चुनावों में कांग्रेस का मेयर बनना ही निश्वित है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के नेताओं के द्वारा महापौर के पद को लेकर अपने-अपने प्रयास प्रारंभ कर दिएं है। 


जयपुर नगर-निगम में इस बार 91 वार्डों के स्थान पर जनसंख्या के आधार पर 150 वार्ड किएं गएं है। 150 वार्ड के हिसाब से जयपुर नगर-निगम में दो महापौर बनाएं जाने की कवायद पर विचार करना प्रारंभ हो गया है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से दो महापौर बनाएं जाने की कोई अधिकृत घोषणा नहीं की गई है। स्वायंत शासन विभाग की ओर से जयपुर जिले की परिसीमन को देखते हुएं नगर-निगम चुनावों में दो महापौर के चुनाव कराएं जाने की कवायद जोर-शोर पर है। 


पिछले अशोक गहलोत सरकार के समय भी महापौर के सीधे चुनाव सम्पन्न हुएं थे। जिसमें लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की प्रत्याक्षी रही और पूर्व महापौर ज्योति खण्डेलवाल जीतकर जयपुर नगर-निगम पहुंची थी। भाजपा का बोर्ड बनने के बाद भी महापौर कांग्रेस पार्टी की चुनी गई थी। उस समय कांग्रेस सरकार के द्वारा ही महापौर की शक्तियों में इजाफा किया गया था। 


ऐसे में जयपुर नगर-निगम में परिसीमन के आधार पर वार्डों को जनसंख्या के आधार पर मतदाताओं को रखा गया है। 91 वाॅर्डों का क्षेत्रफल और जनसंख्या के आधार पर वाॅर्डों की संख्या में इजाफा किया गया है। नगर-निगम चुनावों से पहले निकलने वाली लाॅटरी के आधार पर महापौर का चयन होगा। महापौर के पद को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी से लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी तक में हलचल प्रारंभ हो गई है। 


महापौर पद की दावेदारी करने वाले नेताओं के द्वारा अपने-अपने वरिष्ठ नेताओं और आलाकमान के पास सम्पर्क साधने की तैयारी की जा रही हैं। कांग्रेस पार्टी के जिन नेताओं को विधायक और सांसद का टिकिट किसी कारणवश नहीं दिया गया था। ऐसे नेता अपने वरिष्ठ नेताओं को नगर-निगम में महापौर का टिकिट दिलवाने के लिए प्रयासरत हो रहे है। इसी के साथ विधायक का चुनाव हार चुके नेता भी महापौर के पद के लिए अपनी कवायद तेज कर रहे है। 


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के पास भी महापौर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गुटों में महापौर पद के नेताओं ने दावेदारी पेश करना प्रारंभ कर दिया है। ऐसे में जातिगत आधार पर समीकरण निकालकर भी महापौर की दावेदार अपनी दावेदारी जता रहे है। स्थानीय नेताओं के द्वारा जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास के पास भी महापौर की दावेदारी करने वाले नेताओं की खासी भीड़ देखी जा सकती है। 


महापौर पद की दावेदारी करने वाले ऐसे नेताओं में प्रदेश कांग्रेस के संगठन महासचिव महेश शर्मा, महासचिव गिरिराज गर्ग, सचिव गिर्राज खण्डेलवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष और मीडिया चैयरपर्सन डाॅ. अर्चना शर्मा, उपाध्यक्ष राजीव अरोड़ा, मुख्य सचेतक डाॅ. महेश जोशी के पुत्र और प्रदेश सचिव रोहित जोशी, प्रदेश सचिव सुरेश मिश्रा, पार्षद मंजू शर्मा, पार्षद उमरदराज, पार्षद सुमन गुर्जर, सेवादल के पूर्व मुख्य संगठक कैलाश सोयल, विद्याधर नगर विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे सीताराम अग्रवाल, सचिव मुकेश कुमार वर्मा, पूर्व सचिव आर.आर. तिवाड़ी, यूथ कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील पारीक जैसे अनेकों नेता इस बार महापौर का चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे है। 



 

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