जैसलमेर कोऑपरेटिव बैंक में भ्रस्टाचार: किसानों से वसूले आठ करोड़ सुविधा शुल्क के नाम पर ,बीज ऋण के भुगतान में 

Samachar Jagat | Thursday, 10 Oct 2019 01:52:27 PM
Corruption in Jaisalmer Cooperative Bank: In the name of eight crore facility fee recovered from farmers, in payment of seed loan

चंदन सिंह भाटी। जेसलमेर राज्य सरकार द्वारा किसानो के हितार्थ फसल ऋण माफी योजना के साथ साथ मानसून के समय किसानो को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए फसल के लिए बीज खरीदने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर किसानो को पच्चीस पचीस हजार रूपये ऋण देने का प्रावधान रखा गया था। जैसलमेर सेन्ट्रल को ऑपरेटिव बैंक के माध्यम से भी ये ऋण किसानो को देने के लिए आवेदन सहकारी समितियों के माध्यम से मांगे गए,किसानो को आवेदन के वक्कत  समितियों के व्यवस्थापकों द्वारा पांच पांच सौ रूपये लिए गए ,उसके पश्चात् ऋण आवेदन से लेकर स्वीकृत करने तक कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारी ,कर्मचारियों के साथ साथ सोसायटी व्यवस्थापकों द्वारा चांदी कुटी गयी ।।प्रत्येक किसान के खाते में पच्चीस हजार रुपये डाले जा रहे है। मगर भुगतान बीस  हजार का ही किया गया ।जिसमे किसानो से दो प्रतिशत हिस्सा राशि काटी गयी ।


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आश्चर्यजनक है कि किसान के खाते में पैसा सीधा आने के बाद भी व्यवस्थापक और बैंक कर्मचारी उनका भुगतान खुद सीधा उठाकर तीन तीन हजार रुपये की कटौती कर शेस बीस हजार का नकद भुगतान किया गया। भ्रष्टाचार का यह खेल लम्बे समय से खेला जा रहा है । जिसमे आवेदन से लेकर भुगतान तक कि प्रक्रिया में करोड़ो रुपये इधर उधर हो गए।बैंक में लगे अनुबंधित कार्मिक ही किसानों से मनमाना पैसा वसूल करके ही उनका आवेदन भर रहे है। पूरी प्रक्रिया भरस्टाचार से ग्रसित है।कई पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि बैंक कार्मिकों और व्यवस्थापकों की मनमानी से त्रस्त है पर दुखड़ा किसके आगे रोये। किसानो को बीज ऋण राशि देने में भी भेदभाव किया गया, कई किसानो को पांच हजार रूपये मात्र ऋण जारी किया ,,जिले में करीब बीस हजार किसानो को बीज ऋण जारी किया गया था जिसमे प्रत्येक किसान से तीन तीन हजार रूपये बैंक मैनेजर और व्यवस्थापकों ने सुविधा शुल्क के रूप में खुले आम लिए ,मुख्य प्रबंधक से बात की तो उन्होंने बताया की कोपरेटिव बैंक का समितियों पर कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं है। जबकि वास्विकता यह थी की इस सुविधा खेल में ऊपर से निचे तक सब  मिले हुए थे।

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किसानो ने अपना दर्द बताते हुए कहा की पच्चीस हजार के ऋण में पांच पांच हजार रूपये पहले ही काट लिए ,हमे तो ऋण राशि पूरी भरनी पड़ेगी कहाँ से लाये।इसी साल अप्रैल 2019 में रामगढ़ बैंक में वित्तीय अनियमितताओं में बैंक के दो कार्मिको को निलंबित किया गया था तथा सात कार्मिको के खिलाफ अनुसाशनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गयी थी ,मगर ठोस कार्यवाही नहीं होने से जिन लोगो के  खिलाफ कार्यवाही प्रस्तावित थी उन्हें महत्वपूर्व पदों पर लगा दिया जो बीज ऋण वितरण में घोटाले के मुख्य सूत्रधार हैं। एक एक महीना बैंक के चक्कर निकाले तब जाकर यह बीस हजार रूपये मिले ,किसानो ने बीज ऋण वितरण में हुई धांधली की शिकायत मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री से पूरी प्रकरण की जाँच उच्च स्तर पर कराने की मांग की हैं। एक एक महीना बैंक के चक्कर निकाले तब जाकर यह बीस हजार रूपये मिले। किसानो ने बीज ऋण वितरण में हुई धांधली की शिकायत मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री से पूरी प्रकरण की जाँच उच्च स्तर पर कराने की मांग की हैं। 
 



 

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