सरकार की सख्ती के बावजूद, हानिकारक पान मसाले के सेंपल लेने में कंजूसी बरत रहे अफसर

Samachar Jagat | Tuesday, 08 Oct 2019 11:49:51 AM
Despite the government's strictness, officials are stinging in taking samples of harmful pan spices

इंटरनेट डेस्क। सेहत के लिए घातक बन रहे मैग्नीशयिम, निकोटिन व तंबाकू युक्त पान मसाला व फ्लेवर्ड सुपारी के खिलाफ सरकार की सख्ती पर भारी पड़े रहे हैं अफसर। पिछले चार दिन में हानिकारक तत्वों से युक्त पान मसाले के सेंपल लेने में औपचारिकता की जा रही है। कहीं पर फूड इंस्पेक्टर यह कहकर किनारा कर रहे हैं कि दुकानें ही बंद है तो कहीं पुलिस की ओर से पान मसाले के ट्रक पकड़ने के बावजूद सेंपल नहीं लिए जा रहे। पान मसाला कंपनियों के प्रति विभाग के अफसरों की सहानुभूति सरकार की मंशा पर आड़े आ रही है। हालत यह है कि प्रदेश भर में अभ्ज्ञी तक घातक पान मसाले के एक दर्जन भी सेंपल नहीं हो पाए। जयपुर में सिर्फ दो सेंपल हो पाए हैं। इनमें आज रजनीगंधा का लिया गया सेंपल भी शामिल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग की ओर से हानिकारक पान मसाले के खिलाफ जांच किए जाने की स्पष्ट मंशा के बावजूद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व फूड इंस्पेक्टर गंभीरता से नहीं ले रहे। इसी उदासीनता के चलते कई जिलों में तो एक भी सेंपल नहीं हुआ।


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भरतपुर-गंगापुर स्टेट हाईवे पर सूरौठ थाना पुलिस की ओर से गोल्ड मोहर पान मसाले का ट्रक पकड़े जाने के बावजूद सेंपल नहीं हो सका। पुलिस ने करौली सीएमएचओ को पत्र तक लिख दिया। इस संबंध में करौली के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने यह कहकर इति श्री कर ली कि जिले में फूड इंस्पेक्टर ही नहीं है। ऐसे मेंगोल्ड मोहर का सेंपल नहीं लिया जा सका। इसी तरह बीकानेर में सिर्फ दो ही सेंपल हुए हैं इनमें एक मीठी सुपारी व एक पान मसाला शामिल हैं। कोटा, भीलवाड़ा, अजमेर में भी एकाध सेंपल हुआ है। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि कई जिलों में धड़ल्ले से पान मसाला बेचा जा रहा है लेकिन फूड इंस्पेक्टर औपचारिकता निभा रहे हैं और यह कहकर किनार कर रहे हैं कि दुकानें ही बंद है जबकि वास्तविकता में ज्यादातर थोक विक्रेता पान मसाला सहजता से बेच रहे हैं। जयपुर के सीएमएचओ नारोत्तम शर्मा के अनुसार आज रजनीगंधा पान मसाले का सेंपल डिपो से लिया गया जबकि बबलू सुपरी व मेरी सुपारी का कूकस स्थित प्लांट से सेंपल लिया गया है। दो पनीर, एक घी का सेंपल लिया गया हैं। अन्य पान मसालों के बारे में यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि जयपुर में सिर्फ दो ही इंस्पेक्टर है।
मुख्यालय की सेंट्रल टीम कर रही खानपूर्ति: चिकित्सा एवं स्वस्थ्य विभाग मुख्यालय की सेंट्रल टीम भी सक्रिय नहीं है। पिछले चार दिनों में बमुश्किल तीन सेंपल खाद्य पदार्थों के लिए हैं जबकि पान मसाले के सेंपल नहीं ले पाई। टीम के मुख्य विनोद शर्मा से सेंपल नहीं लिए जाने के कारण के बारे में बात करने का प्रयास किया तो कोई जवाब नहीं मिला। पिछले साल सेंट्रल टीम ने पान मसाले के सबसे ज्यादा सेंपल लिए थे लेकिन इस बार टीम की निष्क्रियता मुख्यालय में चर्चा का विषय बनी हुई है।

गोल्ड मोहर पान मसाले से भरे हुएं ट्रक को पुलिस ने पकड़ा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक फूड रवि प्रकाश शर्मा से सवाल-जवाब
सवाल-हानकिारक तत्वों से युक्त पान मसाले के खिलाफ सेंपल लेने में ढिलाई क्यों बरती जा रही?
जवाब-सेंपल लेने में तेजी लाई जाएगी, तबादलों के कारण दिक्कत हुई है
सवाल-कई जिलों में एक भी सेंपल नहीं हुआ जबकि सरकार की मंशा है कि ऐसे पान मसाले की जांच होनी चाहिए
जवाब-प्रदेश के सेंपल लेने के आंकड़े अभी मेरे पास नहीं आए है, विभाग तेजी जरूर लाएगा
सवाल-करौली में तो पुलिस ने गोल्ड मोहर पान मसाले का ट्रक पकड़ा है और विभाग को सूचित कर दिया तब भी सेंपल नहीं लिया जा सका
जवाब-तबादलों की वजह से फूड इंस्पेक्टर नहीं पहुंच पाए होंगे, कार्रवाई होगी
सवाल-क्या सरकार की मंशा पर भारी पड़ हैं फूड विंग के अफसर? बड़ी कंपनियों के ब्रांड से सहानुभूति दिखा रहे हैं अफसर। ऐसा नहीं है, समीक्षा की जाएगी।
 



 

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