बाढ़ से केरल में त्राही-त्राही, महज एक दिन में सौ से अधिक लोगों की मौत

Samachar Jagat | Friday, 17 Aug 2018 01:33:16 PM
Floods in Kerala, more than a hundred people die in a day

तिरुवनंतपुरम। केरल में बारिश जनित दुर्घटनाओं में कल महज एक दिन में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में सूत्रों ने बताया कि बाढ़ से सबसे बुरी तरह से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को बचाने के लिए रक्षा बलों ने शुक्रवार सुबह से बचाव अभियान बढ़ा दिया है। सूत्रों ने बताया कि कल शुरुआत में मरने वालों की संख्या 30 थी जो संशोधित होकर 106 हो गई।

इसके साथ ही मानसून के दूसरे चरण में 8 अगस्त के बाद से मरने वालों की संख्या बढ़कर 173 हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आज रात तक केरल पहुंचने की संभावना है। कल वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने वाले हैं। मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने कल कहा था कि आज के बचाव अभियानों में 23 और हेलीकॉप्टरों को शामिल किया जायेगा और सेवा में 200 अतिरिक्त नौकाओं को भी लगाया जाएगा। कल एर्नाकुलम एवं पथनमथिट्टा जिलों से करीब 3,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

विभिन्न जिलों में कई लोग मकानों में फंसे थे। बच्चों सहित इनमें से कई लोगों को विभिन्न जलमग्न इलाकों से बचाया गया। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में एक सूत्र ने बताया कि केरल में अब तक की सबसे भीषण बारिश एवं बाढ़ जनित आपदाओं में कल सिर्फ एक दिन में 106 लोगों की जान गई। मानसून के दूसरे चरण में आठ अगस्त के बाद से मंगलवार तक 67 लोगों की मौत हुई थी।

सेना, नौसेना, वायुसेना और एनडीआरएफ कर्मियों ने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित एर्नाकुलम, पथनमथिट्टा और त्रिशूर जिलों से आज सुबह वहां फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया। आज सुबह से छोटे बच्चों समेत कई बुजुर्ग एवं महिलाओं को बचाया गया। अलुवा, कालाडी, पेरुम्बवूर, मुवाट्टुपुझा एवं चालाकुडी में फंसे लोगों को निकालने के कार्य में मदद के इरादे से स्थानीय मछुआरे भी अपनी-अपनी नौकाएं लेकर बचाव अभियान में शामिल हुए हैं।

सुबह सात बजे की मौसम की रिपोर्ट में शुक्रवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पथनमथिट्टा, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलपुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में 6० किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन में रह रहे प्रवासी केरलवासी अपने-अपने प्रियजन की मदद की खातिर टीवी चैनलों के माध्यम से अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया से सौम्या ने कहा कि उसके माता-पिता और रिश्तेदार पिछले दो दिन से अलुवा में फंसे हैं।

एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उसकी एक बजुर्ग रिश्तेदार मैरी वर्गीज को ऑक्सीजन सिलेंडर की बहुत सख्त जरूरत है और उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। एक व्हाट्सऐप वीडियो में बाढ़ में फंसी एक महिला अपने छह साल के बच्चे के साथ मदद की अपील करती दिख रही है। वीडियो में महिला कहती है, ''हमारे पास न खाना है न पानी। कृपया हमारी मदद करें।

प्रधानमंत्री के निर्देशों पर रक्षा मंत्रालय ने राज्य में राहत एवं बचाव अभियानों के लिये सेना के तीनों अंगों से नयी टीम भेजी है। राज्य में करीब डेढ़ लाख बेघर एवं विस्थापित लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। करीब 540 कर्मियों वाली राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 12 अतिरिक्त टीम को भी केरल भेजा गया है।

इस बीच, 26 अगस्त तक कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर विमानों का परिचालन बंद रहेगा क्योंकि रनवे पर भी पानी भर गया है। सूत्रों ने बताया कि 25 से अधिक ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है और उनके समय में परिवर्तन किया गया है। बहरहाल अब तक कोच्चि मेट्रो की सेवाएं बाधित नहीं हुई हैं।

कोच्चि स्थित निजी अस्पताल एस्टर मेडी सिटी में बाढ़ का पानी घुस जाने के कारण मरीजों को दूसरे अस्पताल में भर्ती किया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने राहत एवं पुनर्वास प्रयासों के लिये अतिरिक्त संसाधन जुटाने के मकसद से 30 नवंबर तक भारत निर्मित विदेशी शराब पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है।



 

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