अपहरण, फिरौती के मामले में एसपी रैंक के अधिकारी को उम्रकैद

Samachar Jagat | Sunday, 20 Jan 2019 02:23:01 PM
In case of kidnapping, ransom, SP rank officer gets life imprisonment

जलगांव (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र की अदालत ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) रैंक के एक अधिकारी और अन्य व्यक्ति को अपहरण और फिरौती से जुड़े 2009 के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। जलगांव के सत्र न्यायाधीश पीवाई लाडेकर ने मनोज लोहार और उसके रिश्तेदार धीरज येवले को 16 जनवरी को दोषी करार दिया। लोहार इस वक्त मुंबई में होमगार्ड विभाग में वरिष्ठ प्रशासनिक पद पर तैनात हैं।

अदालत ने शनिवार को उन्हें सजा सुनायी और दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
लोहार और येवले को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 342 (गलत इरादे से बंधक बनाने), 346 (गलत इरादे से किसी गुप्त जगह बंधक बनाकर रखने), 364-ए (फिरौती के लिये अपहरण), 385 (फिरौती के लिये व्यक्ति को मारने की धमकी देना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराया गया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार लोहार ने 2009 में तत्कालीन जिला परिषद सदस्य उत्तम महाजन से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगने के इरादे से उन्हें जबरन अपने कार्यालय और दो अन्य जगहों पर दो दिन तक बंधक बनाकर रखा था। उनका कार्यालय उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले के चालीसगांव में हुआ करता था। लोहार उस वक्त चालीसगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक थे।

पुलिस सब इंस्पेक्टर विश्वासराव निबालकर 30 जून 2009 को महाजन को लोहार के कार्यालय लेकर आया था। महाजन के बेटे मनोज महाजन ने जलगांव के तत्कालीन एसपी से संपर्क कर मदद मांगी, जिसके बाद दो जुलाई को उन्हें रिहा करा लिया गया। लोहार को जून 2012 में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।



 

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