दुर्गापूजा समितियों को धन देने का मामला: कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार

Samachar Jagat | Wednesday, 10 Oct 2018 05:23:08 PM
Issue of funding to Durgapuja committees: denial of court intervention

कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में 28 हजार दुर्गा पूजा समितियों को 10-10 हजार रुपए देने के राज्य सरकार के फैसले में हस्तक्षेप से बुधवार को इनकार कर दिया और कहा कि विधायिका ही ऐसे व्यय पर कोई फैसला करने का उपयुक्त मंच है।

कोर्ट ने दुर्गा पूजा समितियों को धनराशि देने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले पर अंतरिम स्थगन लगाया था। सरकारी वित्तपोषण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका के निस्तारण के साथ ही धनराशि वितरण पर लगा अंतरिम सथगनादेश समाप्त हो गया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश देबाशीष कार गुप्ता और न्यायमूर्ति सम्पा सरकार की खंडपीठ ने कहा कि अदालत इस मोड़ पर दुर्गा पूजा समितियों को धनराशि देने के सरकार के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। पीठ ने कहा कि विधायिका राज्य सरकार के खर्च के संबंध में फैसले लेने के लिए उपयुक्त मंच है।

बहरहाल, पीठ ने कहा कि आगे मौका आने पर अदालत दुर्गा पूजा समितियों को धन देने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले में हस्तक्षेप कर सकती है। महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने खंडपीठ के समक्ष दलील दी थी कि इस धन का प्रयोग यातायात सुरक्षा अभियान 'सेफ ड्राइव सेफ लाइफ’ के तहत पुलिस की सहायता करने के लिए किया जाना है और यह किसी धार्मिक उद्देश्य के लिए नहीं है।

याचिकाकर्ता ने प्रदेश की दुर्गा पूजा समितियों को 28 करोड़ रुपए देने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए दावा किया था कि यह सिर्फ दुर्गा पूजा समितियों को दान है और इसका कोई सार्वजनिक उपयोग नहीं है। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया था कि पूजा समितियों को सरकार की ओर से धन मुहैया कराना संविधान के धर्मनिरपेक्ष ढांचे का उल्लंघन है।



 

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