ज्वैलरी डिजाइनर पारुल के ज्वेलरी ब्रांड ‘परूर’ में दिखेगा राजसी वैभव

Samachar Jagat | Friday, 24 Aug 2018 05:02:08 PM
Jewelery designer Parul jewelery brand Parur will look at Rajsi Vaibhav

जयपुर। राजस्थान की धरोहर, सांस्कृतिक गौरव, रजवाड़ी अंदाज और पारम्परिक सभ्यता के मिश्रण से तैयार की गई ज्वैलरी अब जयपुराइट्स को और राजसी अनुभव करवाएंगी। इन खास डिजाइन की गई ज्वैलरी में राजस्थान के स्मारक, महल, किलों की नकाशी और बनावट की अमिट छाप छोड़ी गई है।

जयपुर बेस्ड ज्वैलरी डिजाइनर पारुल पोद्दार के ज्वेलरी ब्रांड परूर में राजस्थान के आर्किटेक्चर को पसंद करने वालों के लिए फैशन ज्वेलरी की खास डिजाइन्स मौजूद है। राजस्थान की संस्कृति को गहनों पर उकेरने के बारे में पारुल बताती है कि आज हर मौके पर महिलाओं को गहनों की जरुरत होती है।

चाहे कॉलेज हो या एक साधारण सी पार्टी, अपने स्टाइलिश और डिजाइनर कपड़ों के साथ मैच करने के लिए अब महिलाएं फैशन ज्वैलरी की ओर खासा रुख कर रही है। इसी से प्रेरित होकर मैंने फैशन ज्वैलरी को विटेज लुक देते हुए उसमें राजस्थानी रंगों का समावेश किया है।

पॉकेट फ्रेंडली होने के साथ है फायदे का सौदा
पारुल बताती है कि एक दौर आया था जब सभी महिलाएं इमीटेशन ज्वैलरी इस्तेमाल करने लगी थी मगर उनसे होने वाली दिक्कतों के कारण वो कोई ऐसा विकल्प चाहती थी जो रोजमर्रा के फैशन के साथ ही बड़े अवसरों पर भी काम आ सके।

ऐसे में परूर के कलेक्शन में महिलाओं के लिए ऐसी ज्वैलरी तैयार की गई है जो कि उनकी जेब को असर नहीं करेगी साथ ही उनके हर अवसर के लिए खास होगी। लाइट वेट के साथ हैवी लुक देते हुए उसमें सेमी नेचुरल स्टोन्स, जर्कन, कुंदन का वर्क किया गया है।

ये भारी बनावट दिखाने के साथ ही काफी लाइट वेट होगी जिसे आप डेस्टिनेशन वेडिग जैसे मौकों के लिए अपने साथ ले जा सकते है। स्कूल गर्ल से लेकर हाउस वाइफ भी इस ज्वैलरी को इस्तेमाल कर सके इसके लिए 150 रुपए से रेंज स्टार्ट की गई है। इसके अलावा दुल्हनों के लिए वेडिग कलेक्शन भी है जिसमें ज्वैलरी को वे अपने खास दिन के साथ रोजमर्रा में भी पहन सकती है।

फैशनेबल के साथ महिलाएं बन रही है सशक्त 
महलों के जाली वर्क, किले, दरवाजे, नकाशी जैसी बारीकियों से प्रेरित होकर डिजाइन की गई ज्वैलरी महिलाओं को स्टाइलिश के साथ सशक्त भी बना रही है। हाथ से बनाई गई ये सभी ज्वैलरी राजस्थान में बसे गांव की महिलाओं दवारा तैयार की जा रही है, जिन्हें रोजगार का अवसर प्रदान कर सशक्त बनाने की कोशिश की गई है। जिससे वे घर बैठे अपने परिवार की आर्थिक मदद कर सकती है।

राजस्थानी रचनाओं को समझने के लिए किया इंटीरियर डिजाइनिंग -
पारुल बताती हैं कि मेरे पिता की गवर्नमेंट जॉब होने की वजह से हमें काफी शहरों में रहने का मौका मिला। इस दौरान मुझे राजस्थान काफी पसंद आया खास कर जयपुर की धरोहर का कुछ अलग ही अंदाज है। यहां का राजसी अंदाज, राजा रानियों की कहानी या महल मुझे काफी पसंद आए।

मेरे भाई इंडियन नेवी में अफसर है, भाभी एयरलाइन सर्विसेज में कार्यरत है, वहीं मां होम मेकर है। मैं आठ साल की थी जब मैंने अपनी मां को हाथ से हार बनाकर दिया था तब से मुझे ज्वैलरी डिजाइनिग का काफी शौक रहा।

जिसके लिए मैंने आईएनआईएफडी से ज्वैलरी डिजाइनिग कोर्स किया। साथ ही शहर पर आधारित ज्वैलरी डिजाइन करने के लिए आर्किटेक्चर की पढ़ाई करने के लिए इंटीरियर कोर्स भी किया। जिसके बाद बिजनेस के गुर सिखने के लिए एमबीए की पढ़ाई पूरी की। 



 

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