जेल में साथी बंदी की हत्या के जुर्म में विचाराधीन कैदी को आजीवन कारावास

Samachar Jagat | Thursday, 13 Jun 2019 02:19:31 PM
Prisoner in prison for life imprisonment in prison for life imprisonment

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने रोहिणी जेल में साथी बंदी की हत्या के जुर्म में 23 वर्षीय विचाराधीन कैदी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंद्र बोस ने एक अन्य विचाराधीन बंदी पवन की हत्या के लिए कृष्ण को दोषी करार दिया क्योंकि उसने देर रात ताजा पेय बनाने से इंकार कर दिया था। 

अदालत ने अपने हालिया आदेश में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 5,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार 22 मई 2018 की देर रात को कृष्ण ने पवन से उसके लिए रूह अफ्जा तैयार करने को कहा था। 

जब पवन ने ऐसा करने से मना कर दिया तब आरोपी ने उसके बाल पकड़े और कोहनी से उसकी छाती पर प्रहार किया। आरोपी ने पवन की छाती और गर्दन पर लगातार प्रहार किया। 

एक अन्य विचाराधीन कैदी ने खतरे की घंटी बजाई जिसके बाद वार्डन आया और बीच बचाव किया। पवन को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया  -(एजेंसी)



 

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