सीलिंग : उच्चतम न्यायालय मनोज तिवारी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही पर आदेश सुनाएगा

Samachar Jagat | Wednesday, 21 Nov 2018 07:13:26 PM
Sealing: Supreme Court will order order on contempt proceedings against Manoj Tiwari

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय दिल्ली बीजेपी प्रमुख एवं भाजपा सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही पर बृहस्पतिवार को अपना आदेश सुनाएगा। दरअसल, उन्होंने यहां एक परिसर की कथित तौर पर सील तोड़ कर न्यायालय की अवमानना की थी। इस परिसंपत्ति को पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) ने सील किया था।

न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में दलीलें सुनने के बाद 30 अक्टूबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। दलीलें पेश किए जाने के दौरान तिवारी ने अदालत से अधिकार प्राप्त निगरानी समिति पर आरोप लगाया था कि वे सीलिंग के मुद्दे पर दिल्ली के लोगों को आतंकित कर रही है।

हालांकि, समिति ने दावा किया कि वह (तिवारी) कोर्ट को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। शीर्ष न्यायालय ने निगरानी समिति द्बारा दाखिल रिपोर्ट पर संज्ञान लेने के बाद उत्तर पूर्व दिल्ली से लोकसभा सदस्य तिवारी के खिलाफ 19 सितंबर को अवमानना नोटिस जारी किया था। रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि बीजेपी नेता ने परिसर की सील तोड़ी है। 

वहीं, तिवारी ने न्यायालय के समक्ष दलील दी कि समिति ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया और यहां अनधिकृत कॉलोनियों में सीलिग अभियान चलाया गया, जो कानून के तहत संरक्षण प्राप्त हैं। भाजपा नेता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने पीठ के समक्ष आरोप लगाया था कि निगरानी समिति दिल्ली के लोगों को आतंकित करना चाहती है।

यह सिर्फ प्रचार के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दलील दी कि इस मामले में शीर्ष न्यायालय के आदेश का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है। गौरतलब है कि शीर्ष न्यायालय ने इससे पहले अपनी 2006 की निगरानी समिति को बहाल करने का आदेश दिया था ताकि दिल्ली में अनधिकृत ढांचों की पहचान की जा सके और उन्हें सील किया जा सके। इस समिति का गठन 24 मार्च 2006 को किया गया था। 



 

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