प्रदेश में स्टांपों की किल्ल्त खत्म, दो करोड़ से अधिक के स्टांप मंगाए, स्टॉक होल्डिंग कंपनी के साथ किए गए एमओयू में अब कोई बदलाव नहीं करेगा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग

Samachar Jagat | Wednesday, 18 Sep 2019 02:38:52 PM
The shortage of stamps in the state ends, more than two crore stamps have been asked, the registration and stamp department will no longer change the MoU made with the stock holding company.

इंटरनेट डेस्क। स्टांप वेंडरों के भारी विरोध के बावजूद स्टॉक होल्डिंग कंपनी के साथ किए गए एमओयू में पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग कोई बदलाव नहीं करेगा। विरोध प्रदर्शनों के बाद पहले कयास लगाए जा रहे थे कि विभाग अपने रूख में बदलाव करेगा। स्टांप की किल्लत से जूझ रहे स्टांप वेंडरों ने पिछले एक महीने से कई बार ज्ञापन देकर प्रदर्शन किए लेकिन स्टांपों की सप्लाई नहीं हो पा रही थी। सरकार के तीखे रूख के कारण पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने आज अजमेर कोषालय में विभिन्न दरों के दो करोड़ से अधिक स्टांप उपलब्ध करवाएं है। स्टांप की किल्लत को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर स्टांप की आपूर्ति को नियमित बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्टांप पर की जा रही कालाबाजारी को रोका जा सके।


loading...

प्रदेश के विभिन्न जिलों के कोषालय में स्टांपों की किल्लत होने से बड़े स्तर हो रही कालाबाजारी को रोकने के लिए पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने विभिन्न दरों के स्टांप की आज से आपूर्ति करवा दी। इसके तहत अजमेर कोषालय में आज 5०० रूपए के 9० लाख, 1०० रूपए के 12 लाख, 5० रूपए के 9० लाख और अन्य दरों के 18 लाख स्टांप उपलब्ध करवा दिए गए। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिला कोषालयों को निर्देशित कर दिया गया कि बुधवार से विभिन्न दरों के स्टांप की आपूर्ति की जाएगी ताकि स्टांपों की किल्लत को दूर किया जा सके। पिछले दो माह से जिला व तहसील मुख्यालयों पर स्टापों की कालाबाजारी की जा रही है। पांच सौ रूपए का स्टांप 7०० रूपए में तो 1०० रूपए का स्टांप डेढ सौ रूपए में बेचा जा रहा था। स्टांपों की आपूर्ति में हुए व्यवधान का कई स्टांप विक्रेता फायदा उठा रहे हैं हालांकि जिला कोषालयों में भी अफसरों की मिलीभगत से कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है।

कोषालयों के अफसर यह कहकर स्टांप विक्रेताओं को टरका रहे हैं कि आगे से ही स्टांप नहीं आ रहे। स्टापों की कालाबाजारी की शिकायतें उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग हरकत में आए और विभिन्न दरों के स्टांपों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुट गए। सरकार से मिली फटकार के बाद विभाग ने आज स्टांप की आपूर्ति तो करवा दी लेकिन यह आपूर्ति नियमित हो, इसके लिए ठोस कदम उठाने के मामले में विभाग यह कहकर आश्वस्त कर रहा है कि अब आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं आएगी। राजस्थान लाइसेंस स्टांप वेंडर एसोसिएशन के सचिव महेश झालानी का कहना है कि राजनीतिक दबाव में स्टॉक होल्डिंग कंपनी के साथ एमओयू किया है, इससे प्रदेश के हजारों स्टांप विक्रेता बेरोजगार हो जाएंगे और कंपनी मनमानी करेगी। इससे पुरानी व्यवस्था खत्म होगी। चहेते अफसर कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए स्टांप विक्रेताओं के हितों पर कुठाराघात कर रहे हैं। स्टांप विक्रेताओं को जब कंपनी का एजेंट बनाया जाएगा तो कंपनी कमीशन के नाम पर मामूली पैसे देगी और सरकार से कंपनी ज्यादा भुगतान लेगी। सरकार को राजस्व का नुकसान भी होगा। इस कंपनी की मॉनीपोली के चलते अन्य राज्यों ने इस कंपनी को बाहर का रास्ता दिखा दिया।


पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की महानिरीक्षक रेणु जयपाल से पत्रकारों के विभिन्न सवालों के जवाब दिएं।
सवाल-प्रदेश भर में स्टांपों की किल्लत से कालाबाजारी हो रही है, विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा?
जवाब-अब स्टांप किल्लत नहीं होगी, इसके लिए आज ही अजमेर कोषालय में दो करोड़ से अधिक स्टांप उपलब्ध करवा दिए हैं, कालाबाजारी की शिकायत मिलते ही कार्रवाई करेंगे
सवाल-स्टांपों की किल्लत नहीं हो, नियमित आपूर्ति की क्या व्यवस्था की जा रही है?
जवाब-सभी कोषालयों को निर्देश दिए गए हैं स्टांप खत्म होने से पहले मांग बताएं ताकि किल्लत की नौबत नहीं आए
सवाल-स्टांप विक्रेता आंदोलन कर रहे हैं और स्टॉक होल्डिंग कंपनी से एमओयू किया जा रहा है
जवाब-नियमों के तहत एमओयू किया गया है
सवाल-क्या स्टांप विक्रेताओं की मांगें जायज है, एमओयू में बदलाव किया जाएगा
जवाब-विभाग की ओर से स्टॉक होल्डिंग कंपनी से एमओयू हो चुका है, अब कोई बदलाव नहीं होगा। स्टॉक होल्डिंग कंपनी के साथ किए गए एमओयू में अब कोई बदलाव नहीं करेगा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग।
 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.