अलवर: सरिस्का में बाघ एसटी-16 की मौत

Samachar Jagat | Saturday, 08 Jun 2019 05:30:36 PM
 tiger ST-16 death

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जयपुर। सरिस्का वन्यजीव अभ्यारणय में शनिवार को बाघ एस टी-16 की मौत हो गई, इसकी खबर मिलते ही वन्यजीव प्रेमियों में मायूसी छा गई। आपको बता दें कि बाघ एस टी-16 की गत कुछ दिनों से तबियत नासाज चल रही थी। उसके पांव में चोट लग गई थी। इस वजह से वह चलने फिरने में काफी लंगड़ा रहा था।

उसकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों की टीम को सरिस्का बुलाया गया। जहां पर चिकित्सकों की टीम ने बाघ को बेहोश कर उसका इलाज किया। चिकित्सक ने बताया कि उसके दाएं और बाएं दोनों पांव में चोटें थी, इसके लिए कुछ इजंक्शन के द्वारा दवाईयां दी गई।

उसके बाद स्वास्थ्य जांच की गई, और उसे होश में आने के बाद जंगल में वापस छोड दिया गया। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर ने बताया कि सरिस्का का एस टी-16 काफी दिनों से लंगड़ा रहा था, जिसके लिए एक चिकित्सकों की टीम सरिस्का भेजी गई थी, उन्होंने वहां उसका इलाज किया और फिर जंगल में छोड दिया। जंगल में छोडने के बाद टाइगर ने काफी देर तक मूवमेंट की।

फिर वह एक जगह जाकर बैठ गया। उसके कॉलर के सिंगल काफी देर तक एक ही जगह से प्राप्त होने लगे, तो वन्य अधिकारियों को चिंता हुई। फिर बाद में उन्होंने जहां से सिंगल आ रहे थे वहां पर जाकर देखा, तो वहां पर बाघ मृत अवस्था में मिला। तोमर ने बताया कि बाघ की मौत के कारणों को पता लगाने के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी।

गौरतलब हैं कि अभी कुछ माह पहले ही रणथंबौर के बाघ एस टी-16 को राजस्थान के अलवर में सरिस्का वन्यजीव अभ्यारणय में शिफ्ट किया गया था। यह एस टी-16 बाघ बाघिन टी 17 सुंदरी की संतान है।

यह बहुत ही दुखद घटना है

वनमंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है, और बाघ की मौत के कारणों का पता तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लग पाएगा। वहीं वन्यजीव अधिकारियों को इसकी जांच करने के निर्देश दे दिए गए हैं। 



 

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