इन कारनामों से मुन्ना बजरंगी बन गए थे अपराधों के बादशाह 

Samachar Jagat | Monday, 09 Jul 2018 06:23:35 PM
Munna Bajrangi became the leader of the crimes from these exploits

लखनऊ । हत्या और फिरौती समेत 40 से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित खूंखार गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी ने महज 17 साल की उम्र में पहला जुर्म किया। उसके बाद उसने पीछे मुडक़र नहीं देखा और देखते ही देखते वह पूर्वांचल में अपराध की दुनिया का बादशाह बन गया। 

1967 में जौनपुर के पूरेदयाल गांव में जन्मे मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह था। उसने पांचवीं के बाद पढ़ाई-लिखाई छोड़ दी। एक समय उसके सिर पर सात लाख का इनाम घोषित था । इस दौरान वह धीरे-धीरे जुर्म की दुनिया की ओर मुड़ता चला गया।

 बजरंगी के अपराध की दलदल में फंसने की शुरुआत काफी छोटी उम्र में ही हो गई थी। 17 साल की उम्र में ही उसके खिलाफ पुलिस ने मारपीट और अवैध हथियार रखने के आरोप में पहला केस दर्ज किया गया था।  80 के दशक में बजरंगी को जौनपुर के एक स्थानीय माफिया गजराज सिंह का संरक्षण मिल गया।

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1984 में मुन्ना ने लूट के लिए एक कारोबारी को मौत के घाट उतार दिया। गजराज के इशारे पर जौनपुर में बीजेपी नेता रामचंद्र सिंह के मर्डर में भी बजरंगी का नाम सामने आया। इसके बाद तो हत्याओं का सिलसिला चल पड़ा।  बजरंगी ने 90 के दशक में पूर्वांचल के बाहुबली और नेता मुख्तार अंसारी का दामन थामा ।

1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर मुख्तार ने मऊ से विधानसभा का चुनाव जीता। इसके बाद बजरंगी का सरकारी ठेकों में दखल बढ़ता गया। इस दौरान वह लगातार मुख्तार अंसारी के संरक्षण में काम करता रहा। इस इलाके के एक और गैंगस्टर ब्रजेश सिंह से अंसारी की दुश्मनी बढ़ती जा रही थी और यह उस समय और चरम पर पहुंच गई।

जब भाजपा नेता कृष्णानंद राय की हत्या हो गई। राय ब्रजेश सिंह के लिए काम कर रहा था और अंसारी के फिरौती और वसूली के काम में बाधा बन रहा था । 2001 में ब्रजेश सिंह गैंग ने मऊ लखनऊ हाईवे पर मुख्तार अंसारी गैंग पर घात लगा कर हमला किया। बाद में 2005 में मुन्ना बजरंगी और उसके गैंग ने दिनदहाड़े राय की हत्या कर दी।

बजरंगी और उसके गैंग ने राय और उसके छह साथियों पर छह एके 47 रायफल से 400 गोलियां दागीं। इसमें से सात शवों में से 67 गोलियां मिलीं।  मुन्ना बजरंगी को 2009 में मुंबई के मलाड इलाके से गिरफ्तार किया गया।

मार्च 2016 में बजरंगी का साला पुष्पजीत जो उसका काम देखता था उसकी लखनऊ के विकास नगर कॉलोनी में गोली मार कर हत्या कर दी गई। बाद में पिछले साल दिसंबर में बजरंगी के खास तारिक को भी गोली मार दी गयी थी ।

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अभी दस दिन पहले 29 जून को बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने लखनऊ में संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि उनके पति की जान को खतरा है ।  बागपत पुलिस के अनुसार, मुन्ना बजरंगी (51) को  सोमवार को करीब 6 बजे जेल में गोली मार दी गई।

उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में मुन्ना बजरंगी की सोमवार को पेशी होनी थी। 
 



 

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