राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2018: मरणोपरांत श्रीदेवी को बेस्ट एक्ट्रेस, 'न्यूटन' को बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड, यहां देंखे पूरी लिस्ट

Samachar Jagat | Friday, 13 Apr 2018 02:17:06 PM
65th National Film Awards 2018 full winner Complete list
Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

नई दिल्ली। आज 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा के तहत दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को वर्ष 2017 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया हैं। अभिनेता राजकुमार राव की फिल्म न्यूटन को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म और श्रीदेवी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला है।

एक नजर डालते है पूरी लिस्ट पर...

- असमी फिल्म विलेज रॉकस्टार्स को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, रिद्धी सेन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और ए.आर. रहमान को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का खिताब मिला है।

-दादा साहब फाल्के लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए कम से कम 15 नामों पर विचार किया गया और अंतत: जूरी ने दो घंटे के मंथन के बाद विनोद खन्ना के नाम पर मुहर लगाई।

-असमी फिल्म विलेज रॉकस्टार्स को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया गया है। इसकी निर्माता-निर्देशक रीमा दास हैं। यह फिल्म एक सुदूर गाँव के उन बच्चों की कहानी है जो रॉकस्टार बनने का सपना देखते हैं।

-फिल्म सिंजर को सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्म, बाहुबली-2 (तेलुगु) को सबसे लोकप्रिय फिल्म, मराठी फिल्म मोख्र्या को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का पुरस्कार दिया गया। राष्ट्रीय एकीकरण पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मराठी फिल्म धप्पा को मिला। सामाजिक मसलों के लिए मलयालम की आलोरुक्कम को और पर्यावरण संरक्षण पर हिंदी फिल्म इरादा को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला।

- श्रीदेवी को फिल्म मॉम में उनके शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री तथा रिद्धी सेन को बंगला फिल्म नगर कीर्तन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता घोषित किया गया। सर्वश्रेष्ठ निदेशक का पुरस्कार मलयालम फिल्म भयानकम के निदेशक जयराज को दिया गया।

- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता मलयालम् फिल्म थोंडीमुथालुम द्रक्षाक्षियम् के लिए फहाद फाजिल को और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री हिंदी फिल्म इरादा के लिए दिव्या दत्ता को घोषित किया गया। विलेज रॉकस्टार के लिए भानित दास को सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार घोषित किया गया।

- शाशा तिरुपति को तमिल फिल्म कातरू वेलियीदाई में 'वान' गीत के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका और के.जे. येसुदास को तमिल फिल्म विश्वासपूर्वा एम मंसूर फिल्म में 'पोय मरंजा कलाम' फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ पाश्र्व गायक का पुरस्कार दिया गया।

- ए.आर. रहमान को गीतों में संगीत श्रेणी में कातरू वेलियीदाई और पार्श्व संगीत की श्रेणी में मॉम के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीतकार घोषित किया गया। जे.एम. प्रह्लाद को कन्नड़ फिल्म मार्च 22 में 'मुथुरातना' गीत के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार के खिताब से नवाजा गया।

- अब्बास अली मोघुल को बाहुबली-2 के लिए सर्वश्रेष्ठ एक्शन निर्देशक, गणेश आचार्या को टॉयलेट एक प्रेम कथा के गीत 'गोरी तू लठ मार' के लिए सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर और आरसी कमलकन्नन को बाहुबली-2 के लिए सर्वश्रेष्ठ स्पेशल अफेक्ट श्रेणी में पुरस्कृत किया गया।

- रामरजिक्क को नगर कीर्तन के लिए सर्वश्रेष्ठ मेकअप कलाकार, इसी फिल्म के लिए गोविन्द मंडल को सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइनर, मलयालम फिल्म टेकऑफ के लिए संतोष रमण को सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिजाइन, विलेज रॉकस्टार के लिए रीमा दास को सर्वश्रेष्ठ एडिटिंग, ओडिया फिल्म हेलो आरसी के लिए संबित मोहंती को सर्वश्रेष्ठ डायलॉग, थोंडिमुथालुम् द्रिक्षाक्षियम् के लिए संजीव पजहूर के लिए सर्वश्रेष्ठ स्क्रीन प्ले (ऑरिजिनल), भयानकम् के लिए जयराज को सर्वश्रेष्ठ स्क्रीन प्ले (अडैप्टेड), भयानकम् के लिए निखिल एस. प्रवीण को सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी का पुरस्कार दिया गया। 

नॉन फीचर फिल्म श्रेणी में जूरी की प्रमुख आराधना प्रधान ने 22 श्रेणी में विजेताओं की घोषणा की। पिया शाह निर्देशित वाटर बेबी को किसी निर्देशक की पहली फिल्म में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। प्रवासचा निबंधा के निर्देशक नागराज मंजुले को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और स्वोर्ड ऑफ लिबर्टी के लिए रमेश नारायणन को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार दिया गया।

'नाची से बान्ची' और 'स्वोर्ड ऑफ लिबर्टी' को सर्वश्रेष्ठ बायोग्रॉफिकल/हिस्टोरिकल रिकन्सट्रक्शन, गिरिजा को सर्वश्रेष्ठ आर्ट/कल्चरल फिल्म, 'पोएट्री ऑन फैब्रिक : चेंदाली नामा' को सर्वश्रेष्ठ प्रोमोशनल फिल्म, '1984 ह्वेन द सन डिडंट राइज' को सर्वश्रेष्ठ खोजी फिल्म,'द फिश करी' और 'द बास्केट' को सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म घोषित किया गया। सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के दो पुरस्कार दिए गए।

'मातमागी मणिपुर- द फस्र्ट मणिपुरी फीचर फिल्म' को सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ किताब का पुरस्कार दिया गया। लेखक बॉबी वाहेंगबाम ने मणिपुरी में बनी पहली फिल्म से पहले और बाद के युग की तुलना की है। इस दौरान क्षेत्रीय सिनेमा के निर्माण से जुड़ी चुनौतियों को पुस्तक में उकेरा गया है। सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ आलोचनात्मक लेखन के लिए गिरिधर झा को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा श्री सुनील मिश्रा का विशेष उल्लेख किया गया है। 

फीचर फिल्मों में विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में हिंदी के लिए न्यूटन को, असामी के लिए इशु को, बंगला के लिए मयुराक्षी को, कन्नड़ा के लिए हेब्बेत्तु रामक्का को, मराठी के लिए कच्चा लिंबू को, ओडिया के लिए हेलो आरसी को, तमिल के लिए टू लेट को, तेलुगु के लिए गाजी को और गुजराती के लिए डीएचएस को पुरस्कार दिया गया है। टूलू के लिए पद्दायी को, जसारी के लिए भसजर को और लद्दाखी के लिए वाङ्क्षकग विथ द भवड को सर्वश्रेष्ठ फिल्म घोषित किया गया। 
 

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


 
loading...

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.