नोटबंदी पर आधारित गीत के खिलाफ हैं रवि किशन

Samachar Jagat | Wednesday, 30 Nov 2016 12:43:33 PM
नोटबंदी पर आधारित गीत के खिलाफ हैं रवि किशन

मुंबई। भोजपुरी फिल्मों के महानायक कहे जाने वाले रवि किशन का मानना है कि नोटबंदी पर आधारित भोजपुरी गीतों से भोजपुरी सिनेमा की संस्कृति बदनाम हो रही है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों नोटबंदी आधारित भोजपुरी गीत शादी-ब्याह में खूब सुनने को मिल रहे हैं।

इन गीतों ने सोशल मीडिया में भी जोरदार दस्तक दी है। शादी ब्याह से लेकर सोशल मीडिया हर जगह इन गानों की धूम मची हुयी है। भोजपुरी सिनेमा के साथ ही बॉलीवुड सिनेमा में भी अपनी खास पहचान बना चुके रवि किशन को ये गीत पसंद नही हैं। 

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रवि किशन ने कहा, भोजपुरी सिनेमा की अपनी सभ्यता है, संस्कृति है। भोजपुरी गीतों में काफी अश्लीलता आ गयी है और मुझे इससे काफी तकलीफ होती है। भोजपुरी सिने जगत के कलाकार केवल सस्ती लोकप्रियता बटोरने के लिए नोटबंदी के गीत गा रहे हैं। मेरी देश की जनता से अपील है कि उन्हें इस तरह के गीत सुनने बंद कर देने चाहिये।

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गौरतलब है कि बिहार में इन दिनों नोटबंदी पर आधारित जो गीत सुनने को मिल रहे हैं उनमें ‘काला धन जे रखले होई, लागल बा दिल पे चोट हो, मोदीजी हजार पानसउवा के बंद कइले नोट हो...बोरा में जे भी भरी के बा रखले, रोव ता लोट पोट हो...’,‘बंद कइले पनसउआ हजार रे, मोदी सरकार रे सखी’ शामिल हैं।

 

एजेंसी 

 

 

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