पुण्यतिथि विशेष : खलनायक से नायक बने विनोद खन्ना

Samachar Jagat | Saturday, 27 Apr 2019 09:49:40 AM
death anniversary special: Vinod Khanna becomes hero from villain

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मुबई। बतौर खलनायक अपने करियर का आगाज कर नायक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचने वाले सदाबहार अभिनेता विनोद खन्ना ने अपने अभिनय से दर्शको के बीच अपनी अमिट पहचान बनायी। छह अक्तूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्में विनोद खन्ना ने स्नातक की शिक्षा मुंबई से की। इसी दौरान उन्हें एक पार्टी के दौरान निर्माता-निर्देशक सुनील दत्त से मिलने का अवसर मिला। सुनील दत्त उन दिनों अपनी फिल्म ..मन का मीत ..के लिये नये चेहरों की तलाश कर रहे थे। उन्होंने फिल्म में विनोद खन्ना से बतौर सहनायक काम करने की पेशकश की जिसे विनोद खन्ना ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

घर पहुंचने पर विनोद खन्ना को अपने पिता से काफी डांट भी सुननी पड़ी। विनोद खन्ना ने जब अपने पिता से फिल्म में काम करने के बारे में कहा तो उनके पिता ने उनपर बंदूक तान दी और कहा ..यदि तुम फिल्मों में गये तो तुम्हें गोली मार दूंगा। बाद में विनोद खन्ना की मां के समझाने पर उनके पिता ने विनोद खन्ना को फिल्मों में दो वर्ष तक काम करने की इजाजत देते हुये कहा यदि फिल्म इंडस्ट्री में सफल नहीं होते हो तो घर के व्यवसाय में हाथ बंटाना होगा।

वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म ..मन का मीत ..टिकट खिडक़ी पर हिट साबित हुयी। फिल्म की सफलता के बाद विनोद खन्ना को आन मिलो सजना .मेरा गांव मेरा देश .सच्चा झूठा जैसी फिल्मों में खलनायक की भूमिकायें निभाने का अवसर मिला लेकिन इन फिल्म की सफलता के बावजूद विनोद खन्ना को कोई खास फायदा नहीं पहुंचा। एजेंसी
 

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