लौट रहा है सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर बनी फिल्मों का दौर: कश्यप

Samachar Jagat | Thursday, 07 Dec 2017 04:06:03 PM
Kashyap said Films on socio-political issues making a comeback

मुंबई। निर्देशक अनुराग कश्यप का मानना है कि हिन्दी फिल्म जगत में सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर फिल्म बनाने का दौर लौट रहा है। अनुराग कश्यप की आगामी फिल्म मुक्काबाज में जातिवाद के साथ साथ भ्रष्टाचार को दिखाया गया है।

45 वर्षीय फिल्मकार ने कहा कि1960 के दशक में विमल रॉय और रिषिकेश मुखर्जी की फिल्में ज्यादातर सामाजिक समस्याओं पर आधारित होती थीं और इन मुद्दों को अत्यंत सावधानी से फिल्मी पर्दे पर पेश किया जाता था ठीक उसी प्रकार से उन्होंने भी अपनी कहानी के साथ न्याय करने की कोशिश की है।

बीबीसी ने शशि कपूर के निधन की खबर में की गड़बड़ी, माफी मांगी

कश्यप ने कहा, हम जिस समय बड़े हो रहे थे उस समय सामाजिक-राजनीतिक फिल्में बन रही थी। विमल रॉय, रिषकेष मुखर्जी, राज कपूर जैसे फिल्म निर्माता जातिवाद, विधवा, कुंवारी मांओं सहित अन्य समाजिक विषयों पर फिल्म बनाते थे। दर्शक इन फिल्मों की सराहना करते थे लेकिन हमने ऐसी फिल्में बनानी बंद कर दी पर एक बार फिर वह चलन वापस (फिल्मों में) आ गया है।

14वें ट्रांस-सहारन अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव में पीहू ने जीते दो पुरस्कार

उन्होंने बताया, हमारी फिल्म बॉक्सिंग पर है, ऐसे में हम अपनी कहानी को लेकर बहुत ईमानदार हैं। इसमें बताया गया है कि एक बॉक्सर कहां से आता है, समाज में बॉक्सिंग की क्या स्थिति और उसे कितना पसंद किया जाता है। फिल्म में उत्तरप्रदेश के बॉक्सर श्रवण सिंह की कहानी को दिखाया गया है जो एक पिछड़ी जाति से तल्लुक रखते हैं और उन्हें ब्राह्मण महिला से प्रेम हो जाता है। इस फिल्म का निर्माण आनंद एल राय कर रहे हैं।- एजेंसी

पेशावर स्थित शशि कपूर के पैतृक घर के बाहर मोमबत्ती जुलूस निकाल दी श्रद्धांजलि

टाइगर की फिल्म बाग़ी2 का एक्शन शेड्यूअल हुआ खत्म

फिल्म 'By the Sea' को लेकर एंजेलिना का बड़ा खुलासा



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2017 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.