रेखा जन्मदिन विशेष: गोरे होने से लेकर प्यार में मिली असफलता तक, भानुरेखा कुछ ऐसे बनीं रेखा

Samachar Jagat | Thursday, 10 Oct 2019 11:14:32 AM
Rekha birthday special: From being blond to failure in love, Bhanukreha became something like Rekha

इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस रेखा आज अपना 65वां जन्मदिन मना रही हैं। रेखा को देखकर उनकी उम्र का अंदाजा लगा पाना जरा मुश्किल लगता है। उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं। रेखा असली नाम भानुरेखा गणेशन है। निजी जिंदगी हो या पेशेवर जिंदगी, रेखा ने दोनों में ही काफी संघर्ष किया है।


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रेखा का जन्म 10 अक्टूबर, 1954 को मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था. उनके पिता जेमनी गणेशन मशहूर तमिल अभिनेता और मां पुष्पावल्ली तेलुगू अभिनेत्री थीं। रेखा को अपने पिता से शुरुआत से ही कोई लगाव नहीं था. एक साक्षात्कार में रेखा ने कहा था कि मेरे लिए फादर शब्द का कोई अर्थ नहीं है। मेरे लिए फादर शब्द का मतलब चर्च का फादर है। रेखा ने 1966 में तेलुगू फिल्म रंगुला रत्नम से अभिनय की शुरुआत की थी। फिल्म में उन्होंने बाल कलाकार की भूमिका निभाई थी. रेखा को फिल्मों में आने में दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें अभिनय जारी रखना पड़ा।

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कुछ दक्षिण भारतीय फिल्मे करने के बाद रेखा ने बंबई की ओर रुख किया और हिंदी फिल्मों के काम करना शुरू किया. बंबई उनके लिए एकदम नया था। सांवला रंग और लड़खड़ाती हिंदी के कारण रेखा को बंबई में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने फिल्म श्सावन भादोश् (1970) के साथ आगाज किया और रातों रात मशहूर हो गईं। हिंदी सिनेमा में अपने पैर जमाए रखने के लिए रेखा ने हिंदी और अपना रंग संवारने पर काफी मेहनत की। सांवली से गोरी हुई रेखा के बारे में कयास लगाए जा रहे थे कि उन्होंने सिंगापुर से गोरे होने वाली क्रीम मंगाई थी। लेकिन एक साक्षात्कार में रेखा ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि यह सब योग से संभव हुआ. उन्होंने कोई विशेष क्रीम नहीं मंगाइ। 

रेखा, शादी और प्रेमप्रसंगों को लेकर भी सुर्खियों में रही हैं। रेखा का नाम लंबे समय तक अभिताभ बच्चन के साथ जुड़ता रहा. दोनों की जोड़ी पर्दे पर भी काफी लोकप्रिय रही. दोनों ने ईमान धरम, गंगा की सौगंध, मुकद्दर का सिकंदर और सुहाग जैसी फिल्मों में साथ काम किया। यश चोपड़ा की सिलसिला अमिताभ और रेखा की एक साथ आखिरी फिल्म थी। ऐसा भी कहा जाता है कि ये कहानी असल में दोनों की कहानी से प्रेरित है। रेखा की अभिनेता विनोद मेहरा से भी शादी की खबरें आई थीं। लेकिन एक साक्षात्कार में रेखा ने विनोद से शादी की बात से इंकार करते हुए कहा था, कोई कुछ भी कह सकता है। असफल प्रेम संबंधों के बाद रेखा ने 1990 में दिल्ली के एक व्यवसाई मुकेश अग्रवाल से शादी की थी। लेकिन यहां भी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मुकेश ने शादी के एक साल बाद 1991 में आत्महत्या कर ली थी। अकेलेपन के बारे में रेखा कहना है। अकेले रहने का मतलब हमेशा तन्हा रहना नहीं है। हम अपने हिसाब से और अपने खुद के लिए जिंदगी जीते हैं। भारतीय सिनेमा में रेखा अदाकारी, खूबसूरती की एक मिसाल हैं। रेखा ने व्यक्तिगत तौर पर संघर्ष करते हुए अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है और आज भी वह उसी लगन ने निरंतर आगे बढ़ रही हैं। 
 



 

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