जन्मदिन विशेष: हास्य अभिनय से लेकर फिल्म निर्माण तक सतीश कौशिक ने बॉलीवुड को दिए है ये नायाब किरदार...

Samachar Jagat | Friday, 13 Apr 2018 10:40:29 AM
 Satish Kaushik Birthday Special

मुंबई। मशहूर कलाकार, फिल्मकार सतीश कौशिक ने बॉलीवुड में एक ऐसे व्यक्तित्व के तौर पर खुद को स्थापित किया है जिन्होंने ना सिर्फ फिल्म निर्माण और निर्देशन बल्कि हास्य अभिनय और लेखन में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। सतीश कौशिक आज अपना 62 वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर आइए एक नजर डालते है उनके जीवन से जुड़े दिलचस्प बातों पर।

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प्रारंभिक  जीवन

सतीश कौशिक का जन्म 13 अप्रैल 1956 को हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान एक्टर बनने के ओर था। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई दिल्ली के प्रसिद्ध किरोड़ीमल कॉलेज से पूरी की और इसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया। वर्ष 1978 में अभिनय की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिल हो गए। सतीश कौशिक ने अस्सी के दशक में अभिनेता बनने के सपने के साथ मुंबई में कदम रखा।

फिल्मी सफर 

सतीश कौशिक के फिल्मी सफर पर नजर डाले तो उन्होंने अभिनय की शुरुआत 1983 में प्रदर्शित फिल्म मासूम से की। वर्ष 1987 में प्रदर्शित फिल्म 'मिस्टर इंडिया' सतीश कौशिक के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने कैलेन्डर नामक एक बावर्ची का किरदार निभाया और दर्शकों को हंसाते-हंसाते लोटपोट कर दिया। वर्ष 1989 में प्रदर्शित फिल्म 'राम लखन' सतीश कौशिक की महत्वपूर्ण फिल्म में शुमार की जाती है। इस फिल्म में उन्होंने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया और अनुपम खेर के साथ सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित भी किए गए।

दिलचस्प बात है कि यह फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास का पहला मौका था जब एक ही श्रेणी के लिए दो अभिनेताओं को फिल्म फेयर का पुरस्कार दिया गया। वर्ष 1993 में बोनी कपूर निर्मित फिल्म 'रूप की रानी चोरों का राजा' के जरिए सतीश कौशिक ने फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रख दिया। अनिल कपूर श्रीदेवी और जैकी श्रॉफ जैसे नामचीन सितारों की मौजूदगी के बावजूद कमजोर पटकथा के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर अपेक्षित कामयाबी अर्जित नहीं कर सकी।

वर्ष 1995 में निर्देशक के रूप में सतीश कौशिक की एक और फिल्म प्रेम प्रदर्शित हुई। संजय कपूर और तब्बू अभिनीत इस फिल्म के निर्माण में लगभग सात वर्ष लग गये जिसके कारण फिल्म अपना प्रभाव नहीं दिखा सकी और टिकट खिड़की पर बुरी तरह नकार दी गई। 

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निर्देशन 

सतीश कौशिक ने फिल्म हम आपके दिल में रहते है से निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा। ये फिल्म उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। इस फिल्म से सतीश निर्देशक के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे। वर्ष 2000 में बोनी कपूर के बैनर तले बनी फिल्म 'हमारा दिल आपके पास है' निर्देशक के रूप में सतीश कौशिक की महत्वपूर्ण फिल्म में शुमार की जाती है। इस फिल्म में उन्हें एक बार फिर से अपने प्रिय अभिनेता अनिल कपूर के साथ काम करने का अवसर मिला।

वर्ष 2001 में बासु भगनानी के बैनर तले बनी फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' बतौर निर्देशक के रूप में सतीश कौशिक की सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है। युवा प्रेम कथा पर आधारित यह फिल्म अभिनेता जीतेन्द्र के सुपुत्र तुषार कपूर की पहली फिल्म थी। फिल्म में तुषार कपूर और करीना कपूर की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया। वर्ष 2003 में प्रदर्शित फिल्म 'तेरे नाम' के रूप में निर्देशक सतीश कौशिक की सर्वाधिक सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है। इस फिल्म में अभिनेता सलमान खान का एक नया अंदाज देखने को मिला जिसे दर्शक आज भी नहीं भूल पाए हैं। 

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सतीश कौशिक ने दर्शकों की पसंद को देखते हुये छोटे पर्दे का भी रूख किया और 'फिलिप्स टॉप टेन' में बतौर होस्ट काम करके दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। वर्ष 2007 में अपने मित्र अनुपम खेर के साथ मिलकर उन्होंने करोलबाग प्रोडक्शन कंपनी की स्थापना की जिसके बैनर तले तेरे संग का निर्माण किया। सतीश कौशिक दो बार फिल्म फेयर पुरस्कार से नवाजे गए हैं। सतीश कौशिक ने दो दशक के अपने सिने करियर में लगभग 100 फिल्मों में अभिनय किया है।

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