बॉलीवुड की वो यादगार फिल्में जिन्होंने मशहूर अदाकारा मधुबाला को शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचाया

Samachar Jagat | Tuesday, 10 Jul 2018 11:58:39 AM
See Bollywood's famous actress Madhubala's memorable Films List

एंटरटेनमेंट डेस्क। हिंदी फिल्म सिनेमा में दिग्गज अभिनेत्री मधुबाला का नाम उस दौर की अभिनेत्रियों में शुमार किया जाता है जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी दिलकश अदाओं और दमदार अभिनय से करोड़ो दिलों में खास जगह बनाई। फिल्म जगत में उनके अभिनय में एक आदर्श भारतीय नारी को देखा जा सकता हैं। मधुबाला ने लगभग 4 दशकों तक सिने प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया। 

बॉलीवुड में मधुबाला की एंट्री 'बेबी मुमताज़' के नाम से हुई। मधुबाला की पहली फ़िल्म बतौर बाल कलाकार साल 1942 में आई फिल्म बसन्त थी। मधुबाला के फिल्मी सफर पर नजर डाले तो उन्हें फिल्मों में बतौर लीड एक्ट्रेस के तौर पर पहला मौका साल 1947 में केदार शर्मा की फ़िल्म नील कमल में मिला। अपनी पहली ही फिल्म में मधुबाला की जोड़ी सिल्वर स्क्रीन पर राज कपूर के साथ नजर आई। 

इस फ़िल्म मे उनके अभिनय के बाद उन्हे 'सिनेमा की सौन्दर्य देवी' (Venus Of The Screen) कहा जाने लगा। इस फिल्म की रिलीज के करीब 2 साल बाद बाम्बे टॉकीज़ की फ़िल्म महल में उन्होने अभिनय किया। महल फ़िल्म का गाना 'आयेगा आनेवाला' लोगों के बीच बेहद पसंद किया गया। इस फ़िल्म का यह गाना पार्श्व गायिका लता मंगेश्कर, इस फ़िल्म की सफलता तथा मधुबाला के फिल्मी करियर में, बहुत सहायक सिद्ध हुआ।

साल 1949 में बांबे टॉकीज के बैनर तले बनी निर्माता अशोक कुमार की फिल्म 'महल' मधुबाला के फिल्मी करियर में महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। रहस्य और रोमांच से भरपूर यह फिल्म सुपरहिट रही और इसी के साथ बॉलीवुड में. हॉरर और सस्पेंस फिल्मों के निर्माण का सिलसिला चल पड़ा। फिल्म की जबरदस्त कामयाबी ने नायिका मधुबाला के साथ ही निर्देशक कमाल अमरोही और गायिका लता मंगेशकर को भी फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित कर दिया।

साल 1958 मे फागुन, हावडा ब्रिज, कालापानी तथा चलती का नाम गाड़ी जैसी फिल्मों की सफलता के बाद मधुबाला एक बार फिर से शोहरत की बुंलदियो तक जा पहुंची। फिल्म हावडाब्रिज में मधुबाला ने क्लब डांसर की सटीक भूमिका अदा करके दर्शकों का मन मोह लिया। इसके साथ ही वर्ष 1958 मे हीं प्रदर्शित फिल्म चलती का नाम गाड़ी में उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को हंसाते-हंसाते लोटपोट कर दिया।

वर्ष 1960 में जब मुगले आजम प्रदर्शित हुई तो फिल्म में मधुबाला के अभिनय से दर्शक मुग्ध हो गए। हांलाकि बदकिस्मती से इस फिल्म के लिये मधुबाला को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार नहीं मिला लेकिन सिने दर्शक आज भी ऐसा मानते है कि मधुबाला उस वर्ष फिल्म फेयर पुरस्कार की हकदार थीं।

 

 



 

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