पुण्यतिथि विशेष: बॉलीवुड के पहले रिबेल स्टार शम्मी कपूर की शादी से जुड़ा है ये दिलचस्प किस्सा, पढ़े पूरी खबर

Samachar Jagat | Tuesday, 14 Aug 2018 11:24:04 AM
Shammi Kapoor Death Anniversary

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

मुंबई। बॉलीवुड में शम्मी कपूर को एक ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने उमंग और उत्साह के भाव को बड़े परदे पर बेहद रोमांटिक अंदाज में पेश किया। जीवन की मस्ती को अपने किरदार में जीवंत करने वाले शम्मी कपूर की फिल्मों पर नजर डालने पर पता चलता है कि उन पर फिल्माये गीतों में गायकी, संगीत संयोजन और गीत के बोलों में मस्ती की भावना पिरोई रहती थी। बार बार देखो हजार बार देखो और चाहे मुझे कोई जंगली कहे..जैसे गीतों से आज भी उनकी बागी छवि की तस्वीर सिने प्रेमियों के जेहन में उतर आती आती है।

शम्मी कपूर को रिबेल स्टार 'विद्रोही कलाकार' की उपाधि इसलिए दी गयी क्योंकि उदासी, मायूसी और देवदास की तरह अभिनय की परम्परागत शैली को बिल्कुल नकार कर अपने अभिनय की नई शैली विकसित की। 21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में जन्में शम्मी कपूर के पिता पृथ्वीराज कपूर फिल्म इंडस्ट्री के महान अभिनेता थे। घर में फिल्मी माहौल होने पर शम्मी कपूर का रूझान भी अभिनय की ओर हो गया और वह भी अभिनेता बनने का ख्वाब देखने लगे। वर्ष 1953 में प्रदर्शित फिल्म जीवन ज्योति से बतौर अभिनेता शम्मी कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री का रूख किया।

वर्ष 1953 से 1957 तक शम्मी कपूर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने ठोकर लडकी, खोज,मेहबूबा, एहसान,चोर बाजार, तांगेवाली,नकाब, मिस कोकोकोला, सिपहसालार, हम सब चोर है और मेम साहिब जैसी कई फिल्मों मे अभिनय किया लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई।

शम्मी कपूर जब फिल्म इंडस्ट्री में आये तो उनका फिगर आड़ी तिरछी अदायें और बॉडी लैंग्वज फिल्म छायांकन की दृष्टि से उपयुक्त नही थे लेकिन बाद में यही अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र बन गया। उनके लिये संगीतकारों ने फड़कता हुआ संगीत, युवा मन को बेचैन करने वाले बोल और गीतकारों को संगीतकारों के तैयार की गयी धुन का बारीकी से अध्ययन करके गीत लिखने पड़े। इसे देखते हुए महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफी ने अपनी मधुर आवाज से जो शैली तैयार की वह उनके लिये सर्वथा उपयुक्त साबित हुई।

दिलचस्प है शादी का किस्सा

वर्ष 1955 में शम्मी कपूर ने फिल्म अभिनेत्री गीताबाली से शादी कर ली। यह शादी जिन परिस्थतियों में हुई वे काफी दिलचस्प हैं। फिल्म इंडस्ट्री में गीताबाली उनसे काफी सीनियर थी। शम्मी कपूर और गीताबाली की जोडी फिल्म मिस कोका कोला के दौरान सुर्खियों मे आई थी। इसके बाद दोनों ने साथ में केदार शर्मा की फिल्म ..रंगीन रातें.. में भी काम किया। बताया जाता है कि केदार शर्मा की फिल्म रंगीन रातें के निर्माण के दौरान फिल्म अभिनेत्री माला सिन्हा और गीता बाली में शम्मी कपूर को लेकर झगड़ा हो गया था। बाद में केदार शर्मा के समझाने बुझाने पर दुबारा से फिल्म की शूटिंग शुरू हुयी।

फिल्म की शूटिंग होने के बाद शम्मी कपूर और गीताबाली जब मुंबई लौटकर आये तो दोनों ने शादी करने की ठान ली क्योंकि लोग उनके बारे में उल्टी सीधी बात कर रहे थे। चार अगस्त 1955 को शम्मी कपूर ने गीताबाली को फोन किया और कहा ..मैं तुम्हें लेने आ रहा हू। जब शम्मी कपूर गीता बाली को लेने उनके घर पहुंचे तो काफी रात भी हो चुकी थी और बारिश भी हो रही थी। दोनों मंदिर में गये। उस समय रात हो गयी थी। दोनों मंदिर में ही रूके रहे। जब सुबह चार बजे पुजारी ने मंदिर में प्रवेश किया तो तभी उनकी शादी हो सकी।

आज के दौर में इंटरनेट के कई लोग दीवाने है। दिलचस्प बात यह है कि शम्मी कपूर फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं, देश में भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले कुछ प्रारंभिक लोगों में से है। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर खास पहचान बनाने वाले शम्मी कपूर 14 अगस्त 2011 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।

शम्मी कपूर ने अपने पांच दशक के सिने कैरियर में लगभग 200 फिल्मों में काम किया। उनकी कुछ उल्लेखनीय फिल्में है ..रंगीन रातें तुमसा नही देखा, मुजरिम, उजाला, दिल देके देखो, जंगली, प्रोफेसर चाइना टाउन, ब्लफ मास्टर ,कश्मीर की कली, राजकुमार, जानवर तीसरी मंजिल, ऐन इवभनग इन पेरिस, बह्मचारी, तुमसे अच्छा कौन है भप्रस, अंदाज , जमीर, परवरिश, प्रेम रोग, विधाता, देशप्रेमी, हीरो विधाता आदि।

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!



Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.