विकास बहल यौन उत्पीडऩ मामला: अब अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवानी ने तोड़ी चुप्पी

Samachar Jagat | Monday, 08 Oct 2018 10:01:07 AM
Vikas Bahl sexual harassment case: Anurag Kashyap and Vikramaditya Motwani

मुंबई। फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों मीटू कैंपेन का असर देखा जा रहा हैं। जहां बॉलीवुड अभिनेत्रियां अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न पर खुलकर बोल रही हैं। नाना पाटेकर के अलावा अब जाने माने फिल्म प्रोड्यूसर विकास बहल पर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया हैं। जी हां जिसे लेकर अब 'फैंटम फिल्म्स' के अपने सहयोगी विकास बहल के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के आरोपों पर फिल्मकार अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवानी ने चुप्पी तोड़ते हुए अलग अलग बयान दिए हैं। जहां कश्यप ने कहा कि उनके वकीलों ने इस मामले में उन्हें सही सलाह नहीं दी, वहीं मोटवानी ने पूरी घटना के लिए माफी मांगी है।

गौरतलब है कि प्रोडक्शन हाउस की एक महिला कर्मचारी ने पिछले साल आरोप लगाया था कि निर्देशक विकास बहल ने उसके साथ गोवा की यात्रा के दौरान अनुचित तरीके से व्यवहार किया। 'हफपोस्ट इंडिया" में हाल में छपे एक लेख में हाल ही में भंग किए गए प्रोडक्शन बैनर की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने इन आरोपों को दोहराते हुए मई 2015 की घटना के बारे में विस्तार से बताया है।

लेख के अनुसार, महिला ने कहा कि उसने कश्यप से संपर्क किया और घटना के बारे में विस्तार से बताया, लेकिन इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। बहल उनका तब तक उत्पीडऩ करते रहे जब तक उन्होंने कंपनी छोड़ नहीं दी। ट्विटर पर दो पृष्ठों के एक बयान में कश्यप ने कहा है कि उनके वकीलों ने उन्हें बताया कि ऐसा कुछ नहीं है जिसके आधार पर फैंटम फिल्म्स से बहल को हटाया जा सके। बयान में उन्होंने लिखा, ''फैंटम के अंदर रहते हुए मेरे पार्टनर और उनके वकीलों ने मुझे जो बताया, मैं जो कर सकता था, मैंने किया।

कानूनी और वित्तीय फैसलों के लिए मैं पूरी तरह से अपने पार्टनर और उनकी टीम पर निर्भर था। वे उन सभी चीजों का ध्यान रखते थे ताकि मैं उन चीजों पर ध्यान दे सकूं जिन्हें मैं बेहतर, रचनात्मक तरीके से कर सकता था। किसी भी मामले में उनका और उनकी टीम का फैसला हम सबके लिये अंतिम होता था।" उन्होंने कहा, ''तब मुझे जो कानूनी सलाह दी गयी उसके अनुसार मुझे बताया गया था कि हमारे पास बेहद सीमित विकल्प हैं। अब जब मैं खुद उन बातों पर गौर कर रहा हूं तो मैं कह सकता हूं कि मुझे गलत सलाह दी गई थी।"

कश्यप ने कहा कि सीमित विकल्प को देखते हुए कंपनी ने ''मजबूत नैतिक रुख" अपनाया जिसमें बहल को कार्यालय परिसर से दूर रखना और उनसे हस्ताक्षर करने के अधिकार ले लेना शामिल थे।  उन्होंने दावा किया कि बहल के खिलाफ आरोपों के बारे में कुछ भी ''गोपनीय" नहीं है। कश्यप ने कहा कि पीडिता निजी तौर पर मुझ पर भरोसा करती थी। उन्होंने कहा कि वकीलों ने मुझे बताया कि बहल को कंपनी से हटाने के रास्ते में दो चीजें अवरोध के समान है। एक, उनका ओहदा बराबर के प्रोमोटर/निर्देशक का है जो वास्तव में कंपनी चला रहा है। दूसरा, उनके अनुबंध में दुव्र्यवहार के आधार पर उन्हें कंपनी से निकालने का कोई प्रावधान नहीं है।

वहीं दूसरी ओर विक्रमादित्य मोटवानी ने भी रविवार को मामले को लेकर चुप्पी तोड़ते हुए घटना के लिए माफी मांगी और कहा कि वह अपनी फिल्मों के सेट पर काम का एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने एक बयान में कहा, ''उस लड़की के साथ जो हुआ, उसे लेकर मुझे काफी अफसोस है। विकास बहल यौन दुराचारी हैं। उन्होंने एक युवती को निशाना बनाया, उसके विश्वास के तोड़ा, उसकी भजदगी बर्बाद की। घटना के घाव बने रहेंगे और यह सही नहीं है।" 

नोट - कुछ अंश एजेंसी से लिए गए हैं। 

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