बापू से लेकर संजय दत्त रह चुके हैं इस जेल में

Samachar Jagat | Monday, 02 Sep 2019 01:30:01 PM
yerawada central jail history and intresting story

इंटरनेट डेस्क। भारत की जेलों यानि कारागार का इतिहास काफी पुराना रहा है। भारत को आजाद कराने के लिए बलिदान देने वाले देश के स्वतंत्रता सेनानी और सच्चे सपूतों ने इन जेलों में कैद होकर लंबा वक्त गुजारा है ओर अंग्रेजी हुकूमत की यातनाएं सही हैं। यह जेले इस महान बलिदान की गवाह रही हैं।

आज हम आपसे ऐसी एक कारागार की चर्चा करने वाले हैं। यह कारागार है पुणे का येरवडा कारागाह। महाराष्ट के पुणे जिले में स्थित येरवडा सेंट्रल जेल हाई सिक्योरिटी वाली जेल है। येरवडा की गिनती महाराष्ट्र या भारत की ही नहीं बल्कि दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जेलों में होती है। अति सुरक्षा वाले इस जेल में कई बैरक हैं। इसमें एक खुली जेल भी है 1930 और 1940 के दशक में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों ने यहां कई स्वतंत्रता सेनानियों को कैद करके रखा गया था।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी को भी येरवडा जेल में रखा गया था। येरवडा कारागार 512 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इसमें एक अंडा सेल भी है। इस जेल में मुंबई 9/11 हमले में जिंदा पकड़ा गया पाकिस्तानी आतंकी कसाब को भी यहीं रखा गया था। आम्र्स एक्ट के दोषी बॉलीवुड स्टार संजय दत्त ने भी इसी कारागाह में सजा पूरी की थी।  

यह कारागार दक्षिण एशिया के सबसे बड़े कारागारों में से एक है और यहां की बंदी क्षमता 3600 बंदियों की है। परिसर में स्थित उच्च सुरक्षा कारागार चार ऊँची दीवारों से सुरक्षित है। और यह विभिन्न सुरक्षा क्षेत्रों और बैरकों में विभाजित है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक क्षमता से अधिक बंदी रखने और उनकी खराब जीवन स्थिति के लिए इस कारागार की आलोचना की जाती रही है और इस संदर्भ में  2003 में महाराष्ट्र के मानवाधिकार आयोग ने एक नोटिस भी जारी किया था।



 

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