नए सेंसर की मदद से डॉक्टर दूर रहकर भी रख सकेंगे मरीजों पर करीबी नजर, कैंसर में एआई प्रणाली मददगार

Samachar Jagat | Thursday, 06 Sep 2018 03:04:04 PM
Doctor will be able to  keep eye on patients from stay away With the help of a new sensor

टोरंटो। वैज्ञानिकों ने ऐसा सेंसर विकसित किया है जिससे डॉक्टर सर्जरी से गुजरने वाले मरीजों के स्वास्थ्य पर करीबी नजर रख सकते हैं। यह सेंसर अपनी ऊर्ज़ा खुद तैयार कर लेगा और सूचनाएं भेजने का काम करेगा। बिना किसी तार के इसे ब्रेसेज में फिट किया जा सकता है। छोटे ट्यूब जैसा यह उपकरण विभिन्न हरकत की सूचना और सुधार के अन्य संकेतों को कंप्यूटर, स्मार्टफोन या स्मार्टवाच पर भेजता है। कनाडा में वाटरलू विश्वविद्यालय में शोधार्थी हसन अस्करी ने बताया कि डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट के लिए हमेशा मौजूद रहना कठिन होता है इसलिए मरीजों पर नजर रखते हुए लगातार डाटा संग्रह किया जाएगा।

इसी सेंसर का इस्तेमाल अन्य तरीके से भी किया जा सकता है। जैसे कि वाहनों के पहिए में इसे फिट किया जा सकता है और बर्फीली सड़कों पर यह मददगार हो सकता है। वायरलेस सिग्नल भेजने के लिए यह उपकरण मुड़ने या टेढ़ा होने पर ऊर्ज़ा पैदा करता है। अस्करी ने कहा, ''लक्ष्य ऐसा सेंसर विकसित करना है जो बिना बैटरी के काम कर सके। इसमें ऊर्ज़ा का अपना स्रोत होगा।’’ वहीं वैज्ञानिकों ने कैंसर से गंभीर रूप से जूझ रहे एक शख्स के इलाज के लिए पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल सफलतापूर्वक किया और इससे बीमारी को बढ़ने से पूरी तरह रोक दिया।

शोधकर्ताओं के दल ने स्थायी प्रतिक्रिया वाले नतीजे हासिल करने के लिए हर दवा की बिल्कुल सटीक मात्रा की पहचान के लिए सफलतापूर्वक क्यूरेट एआई नाम की कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली का इस्तेमाल किया जिससे मरीज पूरी तरह सामान्य और सक्रिय जीवनशैली को फिर से शुरू करने में सक्षम हो सका। मेटास्टेटिक कैस्ट्रेशन-रेसिस्टेंट प्रोस्टेट कैंसर (एमसीआरपीसी) के एक मरीज को जेडईएन-3694 और एंजालुटामाइट नाम की दवा के साथ कुछ दूसरी नई दवाएं मिलाकर दी गईं। जेडईएन-3964 अभी प्रायोगिक औषधि है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिगापुर के डीन हो ने कहा, ''कैंसर के इलाज में डायनमिक डोजिग का आमतौर पर इस्तेमाल नहीं होता है। वास्तव में, कैंसर में दवाओं की खुराक में बदलाव आम तौर पर विषाक्तता को घटाने के लिये किया जाता है।’’- एजेंसी



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.