यदि आप भी सोते समय स्मार्टफोन को सिरहाने रखते है तो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है यह गंभीर बीमारी

Samachar Jagat | Wednesday, 09 Jan 2019 02:15:33 PM
If you keep a smartphone in bed while sleeping then be careful, otherwise it can be a serious illness

हैल्थ डेस्क। स्मार्टफोन की एक पल की दूरी भी हमसे बर्दाश्त नहीं होती है? इसके साथ ही कई लोग सोते समय भी अपने स्मार्टफोन को सिरहाने रखते है। ब्रिटेन की एक्जिटर सहित कई यूनिवर्सिटी के अध्ययन में मोबाइल से निकलने वाली विकिरणों को कैंसर से लेकर नपुंसकता तक के खतरे से जोडा गया है। 


आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय कैंसर रिसर्च एजेंसी ने स्मार्टफोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरणों को संभावित कार्सिनोजन की श्रेणी में रखा है। उसने चेताया है कि स्मार्टफोन का अत्यधिक इस्तेमाल मस्तिष्क और कान में ट्यूमर पनपने की वजह बन सकता है। जिससे कैंसर होने की आशंका रहती है। 


दरअसल, साल 2014 में प्रकाशित ब्रिटेन के एक्जिटर विश्वविद्यालय के अध्ययन में मोबाइल से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरणों का नपुंसकता से सीधा संबंध पाया जाता है। शोधकर्ता ने बताया कि पैंट की जेब में स्मार्टफोन रखने से पुरूषों में न सिर्फ शुक्राणुओं का उत्पादन घटता है। इसके अलावा अंडाणुओं को निषेचित करने की उसकी गति भी धीमी पड़ जाती है।


गौरतलब है कि साल 2017 में इजरायल की हाइफा यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए एक अध्ययन में सोने से आधे घंटे पहले ही मोबाइल का इस्तमाल बंद कर देना चाहिए। शोधकर्ताओं ने बताया कि स्मार्टफोन, कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी ,स्लीप हार्मोन' मेलाटोनिन का उत्पासदन बाधित करती है। इससे व्यक्ति को न महज सोने में दिक्कत पेश आती है। बल्कि सुबह उठने पर थकान, कमजोरी और भारीपन की शिकायत भी सताती है। इसके साथ ही मोबाइल का जलने और फटने का भी खतरा रहता है। जिससे आपकी जान को खतरा हो सकता है।
 



 

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