मरीजों का रिकॉर्ड और बीमारियों का डाटा होगा डिजिटलीकरण

Samachar Jagat | Sunday, 15 Apr 2018 02:42:33 PM
Patients Record and Disease Data Will digitize
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नई दिल्ली। आने वाले समय में मरीजों का रिकॉर्ड और बीमारियों का डाटा डिजिटल तरीके से रखा जाएगा जिसकी सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए सरकार राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्राधिकरण बनाने की दिशा में काम कर रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 को मंजूरी दी थी जिसमें डिजिटल स्वास्थ्य के नियमन, विकास के लिए और स्वास्थ्य संबंधी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के स्टोरेज और आदान-प्रदान के लिहाज से राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनडीएचए) की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया।

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यह प्राधिकरण ई-स्वास्थ्य के मानदंडों का पालन करेगा। इसी संदर्भ में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में डिजिटल सूचना सुरक्षा अधिनियम’ (दिशा) का मसौदा पिछले दिनों अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक किया है और इस संबंध में लोगों से सुझाव मांगे गये हैं। इसी कानून के तहत नोडल इकाई के रूप में प्राधिकरण बनाया जाएगा।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार उक्त कानून के माध्यम से राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्राधिकरण के रूप में एक नोडल इकाई स्थापित करेगी। अधिनियम के संबंध में लोग 21 अप्रैल तक अपने सुझाव या फीडबैक मंत्रालय को दे सकते हैं। सुझावों के बाद मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा और संसद में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म के होने से स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़ी जानकारी, ब्लड बैंकों की उपलब्धता, अस्पतालों में पंजीकरण या डॉक्टर से मिलने का समय, सेवाओं के लिए भुगतान और सुझाव आदि देने के लिए ऑनलाइन आवेदन करके उन्नत और प्रभावी सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकता है।

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इससे रोगी की बीमारी और उससे संबंधित स्वास्थ्य जांच का रिकार्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध होने से दोहराव या बार-बार जांच करने से भी निजात मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने हाल ही में एक सम्मेलन में कहा था कि उनका मंत्रालय राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्राधिकरण बनाने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। यह वैधानिक इकाई डिजिटल सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए रूपरेखा, नियम और दिशानिर्देश बनाने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा था कि इससे दिव्यांग रोगियों, अवरुद्ध विकास वाले बच्चों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों तथा एचआईवी-एड्स, कुष्ठ रोग और टीबी से ग्रस्त लोगों को उपचार में मदद मिलेगी। इससे चिकित्सकीय त्रुटियां कम होने में और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

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नड्डा के मुताबिक, भारत में अभी डिजिटल क्रांति बड़े स्तर पर आनी है और एनडीएचए की स्थापना के बाद डॉक्टर, नर्स आदि स्वास्थ्यकर्मी रोगियों को बेहतर सेवाएं दे सकते हैं। नड्डा के अनुसार ई-स्वास्थ्य के मानकों में निश्चित रूप से सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों की गोपनीयता पर ध्यान दिया जाएगा। कुछ साल पहले राष्ट्रीय ई-स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनईएचए) नाम से इस अवधारणा ने जन्म लिया था। एनडीएचए के तहत राज्यों में भी प्राधिकरण बनाये जाएंगे और साथ ही स्वास्थ्य सूचना एक्सचेंज भी स्थापित किए जाएंगे। एजेंसी

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