ई सिगरेट, ईएनडीएस के निर्माण, बिक्री और विज्ञापन की इजाजत नहीं देने का आग्रह

Samachar Jagat | Friday, 31 Aug 2018 02:44:12 PM
Solicitation of e-cigarette creation, sale and advertisement

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नई दिल्ली। स्मोकिंग करना आजकल के युवाओं के लिए एक फैशन बन गया है। जहां सिगरेट पीना हानिकारक माना जाता है वहीं लोग इसका विकल्प ढूंढ कर ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने लगे हैं। ई-सिगरेट के दुष्प्रभावों से अनभिज्ञ लोग हद से ज्यादा इसे इस्तेमाल कर रहे है जो कि शरीर के लिए हानिकारक है। ई सिगरेट या फिर इस तरह के कोई भी नशीले पदार्थों से इंसान की सेहत का खतरा हो रहा है। सरकार भी इसके लिए प्रयास कर रही है। हाल ही में केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि ई-सिगरेट और इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएस) के निर्माण, बिक्री और विज्ञापन की इजाजत नहीं दें। केंद्र सरकार ने चेताया कि इसके इस्तेमाल से लोगों और खासतौर पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को 'गंभीर स्वास्थ्य संबंधी खतरे’ हो सकते हैं।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि वैश्विक तंबाकू महामारी 2017 पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, मॉरिशस,ऑस्ट्रेलिया, सिगापुर, कोरिया (डेमाक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक), श्रीलंका, थाईलैंड, ब्राजील, मैक्सिको, उरुग्वे, बहरीन, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात जैसे 30 देशों ने ईएनडीएस पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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परामर्श में कहा गया है कि यह स्पष्ट है कि ई सिगरेट, वेप, ई शीशा, ई-निकोटिन फ्लेवर हुका समेत अन्य ईएनडीएस के इस्तेमाल से व्यापक स्तर पर लोगों के और खासतौर पर बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं की सेहत को गंभीर खतरा है। इसमें कहा गया है कि यह भी स्पष्ट है कि ईएनडीएस को ड्रग एवं कॉस्टमेटिक अधिनियम के तहत एनआरटी ने भी मंजूरी नहीं दी है।- कुछ अंश एजेंसी के 

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