डॉक्टरों के लिए विशिष्ट पाठ्यक्रम चिकित्सकीय चूकों से होने वाली मौत रोक सकते हैं : विशेषज्ञ

Samachar Jagat | Monday, 29 Oct 2018 11:25:50 AM
Specific courses for doctors can prevent death due to clinical trials: experts

नई दिल्ली। भारत में प्रतिवर्ष करीब 50 लाख लोगों की मौत चिकित्सकीय लापरवाहियों की वजह से होती है और ऐसे में विशेषज्ञों का दावा है कि डॉक्टरों और अस्पतालकर्मियों के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम से इस आंकड़े को घटाकर आधा किया जा सकता है। यह पाठ्यक्रम इस पर केंद्रित है कि गंभीर रूप से बीमार या जख्मी मरीज को किस तरह संभालना चाहिए। ब्रिटेन की रॉयल लीवरपूल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में परामर्श चिकित्सक और प्रत्यारोपण विशेषज्ञ अजय शर्मा ने कहा कि एक्यूट क्रिटिकल केयर कोर्स (एसीसीसी) को 1980 के दशक की शुरुआत में तैयार किया गया था। विदेशी चिकित्सा संस्थानों में यह फायदेमंद साबित हुआ और इससे मरीजों की मृत्यु दर में करीब 10 फीसद की गिरावट दर्ज की गई। यह सेप्सिस समेत गंभीर स्वास्थ्य परेशानियों में भी लाभकारी रहा। 

शर्मा ने प्रेट्र को बताया कि ब्रिटेन और अमेरिका दोनों जगहों पर शल्य क्रिया प्रशिक्षुओं के लिए यह दो दिवसीय पाठ्यक्रम अनिवार्य है जहां प्रतिवर्ष चिकित्सकीय लापरवाहियों की वजह से क्रमश: 98 हजार और चार लाख से ज्यादा जान जाती हैं। हार्वर्ड विश्वविद्यालय द्बारा पिछले साल कराए गए एक अध्ययन में सामने आया था कि भारत में प्रति वर्ष चिकित्सकीय लापरवाहियों से करीब 50 लाख लोगों की जान जाती है। इसकी वजह डॉक्टरों और नर्सों में अस्पताल लाए जाने वाले मरीजों को संभालने के व्यवहारिक ज्ञान की कमी है। 

शर्मा ने कहा कि एसीसीसी का उद्देश्य शल्य चिकित्सा, प्रसूति, अस्थिरोग और आकस्मिक चिकित्सा समेत विभिन्न विशिष्टताओं वाले चिकित्सकों एवं सर्जनों को मरीजों की हालत बिगड़ने के जोखिम की पहचान करने में सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि भारतीय अस्पतालों में इस पाठ्यक्रम को लागू करने से चिकित्सकीय लापरवाहियों से होने वाली मौतों के आंकड़ों को करीब 50 फीसद तक कम किया जा सकता है, खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में। -एजेंसी 



 

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