बंगलादेश मछली, मांस उत्पादन में बना आत्मनिर्भर

Samachar Jagat | Monday, 12 Feb 2018 07:57:33 AM
Bangladesh makes fish self-made in meat production

ढ़ाका। बंगलादेश ने मछली और मांस उतपादन में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। देश के मत्स्यपालन और पशुधन मंत्री नारायन चंद्र चंदा ने कल इस आशय का दावा करते हुए बताया कि वर्ष 2016-17 के दौरान 41.34 लाख मेट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ जो 40.50 लाख मेट्रिक टन के निर्धारित लक्ष्य से 84 हजार टन अधिक था।

दोनों कोरियाई देशों के बीच सकात्मक माहौल में बातचीत 

उन्होंने कहा,राष्ट्रीय भोजन सेवन संबंधी दिशानिर्देशों के मुताबिक देश में मछली की दैनिक प्रति व्यक्ति मांग 60 ग्राम है, जबकि बंगलादेश सांख्यिकी आंकड़ों के अनुसार, प्रति व्यक्ति मछली की खपत प्रति दिन 62.58 ग्राम है। यह साबित करता है कि देश मछली के मामले में आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने बताया कि बंगलादेश में पशुधन संसाधन-1995 के एक शोध पत्र के मुताबिक देश में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 120 ग्राम मांस की मांग है। 

मस्र सेना के अभियान में 16 आतंकवादी मारे गए

प्रोटीन की मांग को ध्यान में रखते हुए पशुधन सेवा विभाग ने 2016-17 वित्तीय वर्ष के लिए 71.35 लाख मेट्रिक टन मांस उत्पादन का लक्ष्य रखा था लेकिन उस वर्ष 19 हजार टन अधिक कुल 71.54 लाख मेट्रिक टन मांस का उत्पादन हुआ। 

उ.कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ एकजुट हैं अमेरिका और द.कोरिया: पेंस

मत्स्यपालन मंत्री ने कहा कि सरकार के विभिन्न व्यावहारिक उपायों के कारण मछली उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मछली उत्पादन में बांग्लादेश की सफलता को वैश्विक मान्यता भी मिली है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन की वर्ष 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक बंगलादेश आंतरिक जल श्रोतों के सहारे मछली उत्पादन करने में चौथा स्थान रखता था जबकि मछली की खेती के मामले में विश्व में इसका पांचवा स्थान है। 

संरा ने सीरिया में संघर्ष में कमी लाने का आह्वान किया

हिलसा या फिर हिल्शा (मछली की एक लोकप्रिय प्रजाति) संसाधन के प्रबंधन को वर्तमान सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मंत्री ने कहा कि इस संबंध में कानूनों को अद्यतन करने के अलावा समन्वित गतिविधियों को पूरा किया जा रहा है। वर्ष 2016 में हिलसा को भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पाद के रूप में मान्यता मिल गई है। 

मोदी पहुूंचे अबू धाबी, प्रथम हिंदू मंदिर की आधारशिला रखे जाने के साक्षी बनेंगे

उन्होंने बताया कि समुद्र में‘आर वी मीन शंधानी’नामक एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक 157 प्रजातियों की मछलियों, 16 चिंप, 11 क्रसटेशियन और छह मॉलस्क का पता चला है। प्रवाह और पानी के अंदरुनी हिस्सों समेत पूरे समुद्री संसाधनों पर संपूर्ण सर्वेक्षण किया जाएगा। पूरे देश में बढ़े हुए पोल्ट्री फर्माें का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुर्ग-मुर्गियां पूरे देश में मांस की प्रति व्यक्ति मांग को पूरा कर रही हैं।-एजेंसी 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.