सैन्य विद्रोह में मारा गया पूरा परिवार, दिल्ली ने बचाया शेख हसीना का वजूद

Samachar Jagat | Thursday, 03 Oct 2019 03:52:33 PM
Entire family killed in military revolt, Delhi saved the existence of Sheikh Hasina

इंटरनेट डेस्क। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना चार दिवसीय यात्रा पर भारत आएंगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। 5 अक्टूबर को हसीना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। शेख हसीना बांग्लादेश की चैथी बार प्रधानमंत्री बनी हैं। उन्होंने इसी साल 7 जनवरी को चैथी बार प्रधानमंत्री बनने की शपथ ली थी। उनकी पार्टी का नाम अवामी लीग है।


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चुनाव में उनकी पार्टी को जबरदस्त जीत मिली थी। बांग्लादेश और भारत में संसदीय चुनाव होने के बाद हसीना की भारत की यह पहली यात्रा होगी। हसीना विश्व आर्थिक मंच द्वारा तीन और चार अक्टूबर को आयोजित भारत आर्थिक शिखर सम्मेलन की मुख्य अतिथि भी होंगी। शेख हसीना का जन्म 28 सितंबर 1947 को बांग्लादेश के तुनगिपारा नामक जगह पर हुआ था। वर्तमान में उनकी उम्र 72 साल है। शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी की अध्यक्ष भी है। इस पार्टी की स्थापना 23 जून 1949 को हुई थी। शेख हसीना बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की पुत्री हैं। वह अवामी लीग के अध्यक्ष थे. वही थे जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संग्राम की अगुवाई करते हुए बांग्लादेश को मुक्ति दिलाई थी।

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15 अगस्त 1975 को शेख मुजीबुर रहमान समेत उनके परिवार की हत्या कर दी गई थी। उस समय शेख हसीना जर्मनी से दिल्ली आई थीं। वह 1981 तक दिल्ली में रही थीं। जर्मनी में उनके पति परमाणु वैज्ञानिक के रूप में काम कर कर रहे थे। पिता की हत्या के बाद उन्होंने 1981 के बाद बांग्लादेश जा कर पिता की राजनीतिक विरासत को संभाला। उनके उनके पिता, मां और 3 भाई तख्तापलट में मारे गए थे। जिस समय शेख हसीना के परिवार की हत्या हुई थी उस समय उनकी उम्र 28 साल की थी। वह भाई बहनों में सबसे छोटी बहन हैं। 15  अगस्त 1975 का वो दिन था जब सुबह  5ः30 से 7ः00 बजे की बीच शेख हसीना के परिवार की हत्या कर दी गई थी। 1996 में शेख हसीना ने चुनाव जीता और कई वर्षों तक देश का शासन चलाया। उसके बाद उन्हें विपक्ष में भी बैठना पड़ा। शेख हसीना पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और उनका ज्यादातर वक्त हिरासत में ही गुजरा।
 



 

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