जापान में वर्षाजनित घटनाओं में मृतकों की संख्या 200 हुई, कई लापता

Samachar Jagat | Thursday, 12 Jul 2018 03:12:48 PM
Japan number of dead was 200 in rain-related incidents

कुराशिकी। जापान के पश्चिमी हिस्सों में 36 वर्ष के बाद पहली बार आई भीषण बाढ़ और वर्षाजनित घटनाओं की वजह से मरने वालों की संख्या बढक़र लगभग 200 हो गई है और तेज गर्मी और पानी की किल्लत की वजह से बीमारियों के फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

सरकार ने गुरुवार को बताया कि देश में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन जैसी घटनाओं की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या बढक़र 195 हो गई है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। बारिश थमने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। एक सप्ताह से 200000 से अधिक मकानों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई है।

देश में 1982 के बाद पहली बार मौसम संबंधी इतनी बड़ी आपदा आई है। बारिश की तीव्रता में कमी आई है और बाढ़ का पानी उतरने भी लगा है लेकिन इससे सडक़ों पर कीचड़ जमा हो गया है। कुछ जगहों पर कीचड़ सूख गया है लेकिन जब राहत वाहन वहां से गुजरते हैं तो धूल का गुबार उठता है।

राहत तथा बचाव दल मलबे में लोगों की तलाश कर रहे हैं। तापमान के 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने और आद्र्रता का स्तर बहुत अधिक होने की वजह से अस्थायी शिविरों में शरण लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिविरों में क्षमता से अधिक लोगों के रहने और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण लोग बेहाल हैं।

पानी की कमी के कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ नहीं मिल पा रहा जिससे उन्हें लू लगने का खतरा उत्पन्न हो गया है। लोग अपने हाथ भी ठीक से नहीं धो पा रहे हैं जिससे महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। सरकार ने आपदा प्रभावित इलाकों में पानी के टैंकर भेजे हैं लेकिन उन से भी सीमित मात्रा में आपूर्ति की जा रही है।

सेना और पुलिस के जवान और  अग्निशमन विभाग के 70 हजार से अधिक कर्मचारी मलबे में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ की वजह से लाखों मकानों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई थी जिनमें से 3500 घरों में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है लेकिन दो लाख से अधिक मकानों में पेयजल की आपूर्ति अब भी बाधित है। 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.